इससे पहले जून 2026, अप्रैल 2026 और फरवरी 2026 की एमपीसी बैठक में केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को स्थिर रखा था। रेपो रेट में आखिरी बार बदलाव दिसंबर, 2025 की आरबीआई एमपीसी की बैठक में किया गया था। इस दौरान रेपो रेट को 5.50 प्रतिशत से घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया था।
आरबीआई के द्वारा अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को यथावत रखने के फैसले से सबसे बड़ी राहत उन लाखों लोगों को मिलेगी, जिन्होंने होम लोन, कार लोन या अन्य फ्लोटिंग ब्याज दर वाले लोन लिया हुआ है। रेपो रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं होने से उनकी मासिक ईएमआई फिलहाल नहीं बढ़ेगी, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।




