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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने अमेरिकी संघीय चुनावों के लिए 2.78 लाख गैर-नागरिकों के वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड होने की पहचान की है.
डोनाल्ड ट्रंप.
वॉशिंगटन: अमेरिका में नवंबर 2026 में मध्यावधि (मिडटर्म) चुनाव होने हैं. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक मुद्दा छेड़ दिया है. स्थानीय समय के मुताबिक गुरुवार रात राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि 278000 ऐसे लोग वोटर बने बैठे हैं, जो अमेरिकी नागरिक नहीं हैं. ट्रंप ने दावा किया कि चीन ने 2020 के चुनाव में अमेरिका के 22 करोड़ वोटर्स का डेटा अवैध तरीके से हासिल किया. सबसे गंभीर आरोप उन्होंने अपनी ही खुफिया एजेंसी पर लगाया. ट्रंप का कहना है कि इस पूरी जानकारी को अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के कुछ अधिकारियों ने दबा दिया. हालांकि उनके इस दावे को अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्युनिटी अपने आधिकारिक आकलन में पहले ही गलत बता चुकी है. इसमें कहा गया था कि चीन ने 2020 के चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की.
Axios की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि व्हाइट हाउस ऐसे दस्तावेज सार्वजनिक करेगा, जिनसे यह साबित होगा कि चीन ने वर्षों तक अमेरिकी चुनावी डेटा को निशाना बनाया. ट्रंप का आरोप है कि FBI के पास 2020 में ऐसी ‘रॉ इंटेलिजेंस’ थी, जिसमें चीन की कथित गतिविधियों का जिक्र था, लेकिन उसे दबा दिया गया.
दावा और आधिकारिक निष्कर्ष में सबसे बड़ा फर्क
ट्रंप के आरोपों के बीच सबसे बड़ा सवाल अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आधिकारिक निष्कर्षों को लेकर है. मार्च 2021 में नेशनल इंटेलिजेंस काउंसिल की रिपोर्ट में अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्युनिटी ने हाई कॉन्फिडेंस के साथ कहा था कि चीन ने 2020 के चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की. रिपोर्ट के मुताबिक चीन को न तो ट्रंप और न ही जो बाइडेन की जीत में ऐसा कोई फायदा दिखा, जिसके लिए वह पकड़े जाने का जोखिम उठाता.
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Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…और पढ़ें




