अमेरिका ने बृहस्पतिवार तड़के ईरान पर हमले तेज करते हुए उत्तरी क्षेत्र को ज्यादा निशाना बनाया। वहीं ईरान ने पलटवार करते हुए तड़के पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाकर मिसाइल व ड्रोन हमले किए और चेतावनी दी कि उसके हमले तेज हो सकते हैं।
अमेरिकी बलों ने ईरान पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी के उल्लंघन की कोशिश करने के लिए एक जहाज पर गोलीबारी भी की।
अमेरिका और ईरान के बीच कई दिन से जारी हमलों और जवाबी हमलों तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दी गई धमकियों ने युद्ध को खत्म करने के लिए हुए अंतरिम समझौते को लगभग खत्म कर दिया है। इससे पूरे क्षेत्र में फिर से व्यापक युद्ध छिड़ने का खतरा बढ़ गया है।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में अब तक 35 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
इस बार के संघर्ष में पहली बार ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास के इलाकों में भी हमले हुए। इससे पता चलता है कि अमेरिका अब पहले से अधिक स्थानों को निशाना बना रहा है।
अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, जिसके बाद तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही लगभग बंद कर दी थी। इसके कारण तेल, उर्वरक और कई अन्य वस्तुओं की कीमतें पश्चिम एशिया से बाहर भी तेजी से बढ़ गई थीं। होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बंद करने से बातचीत के दौरान ईरान की स्थिति मजबूत हो गई थी।
ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय के प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमला करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों पर अमल करता है, तो ईरान क्षेत्र में बुनियादी ढांचों पर बड़े पैमाने पर हमले कर सकता है।
जुल्फिकारी ने कहा, “यदि ट्रंप की धमकी पर अमल किया गया तो क्षेत्र का पूरा बुनियादी ढांचा ईरान के शक्तिशाली सशस्त्र बलों के हमलों से तबाह हो जाएगा।”
उन्होंने कहा, “हम किसी भी स्थिति में और किसी भी तरीके से अमेरिका जैसे बाहरी देश को होर्मुज जलडमरूमध्य में दखल नहीं देने देंगे। यह ईरान की खींची हुई लाल रेखा है, जिसे पार नहीं किया जा सकता।”
बृहस्पतिवार तड़के अमेरिका ने तेहरान के आसपास हमले किए। सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिका ने सेमनान प्रांत को भी निशाना बनाया, जहां ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण इकाइयां और अंतरिक्ष कार्यक्रम से संबंधित ठिकाने हैं।
ईरानी मीडिया ने यह भी बताया कि बृहस्पतिवार सुबह हमदान, होर्मोज़गान, खुज़ेस्तान, लोरेस्तान, मरकज़ी तथा सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों के आसपास भी हमले हुए।
अमेरिका ने बुधवार को दिन के समय भी ईरान पर हमले किए, जिससे साफ हुआ कि हमले तेज हो रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य स्थित रणनीतिक ग्रेटर तुंब द्वीप पर ईरान के रक्षा और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इस बीच अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने कुराकाओ के झंडे वाले तेल टैंकर ‘बेल्मा’ पर गोलीबारी की, जो फारस की खाड़ी में ईरान के मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप की ओर जा रहा था।
अमेरिका के अनुसार, जहाज ने कई चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद एक अमेरिकी विमान ने उसकी चिमनी पर मिसाइल दागकर उसे चलने लायक नहीं छोड़ा।
बुधवार को एक अन्य अमेरिकी हमले में सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में ईरान की 388वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड की बैरक को निशाना बनाया गया। यह ब्रिगेड टैंकों और बख्तरबंद वाहनों का संचालन करती है।
ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, इस हमले में अमेरिका ने कम से कम 13 मिसाइलें दागीं, जिसकी वजह से प्रशिक्षु सैनिक और नियमित सैनिक समेत सात लोगों की मौत हुई और कई अन्य सैनिक घायल हुए।
बृहस्पतिवार सुबह ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, जॉर्डन और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। वहां के अधिकारियों ने हमलों की पुष्टि की, लेकिन फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहतों की जानकारी नहीं दी गई। कुवैत ने बृहस्पतिवार दोपहर एक और हमले की सूचना दी।




