अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया, ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति रद्द


अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन पोतों पर हमले होने के बाद बुधवार तड़के ईरान पर ‘‘जवाबी हमले’’ किए और ईरान को वैश्विक बाजार में कच्चा तेल खुले तौर पर बेचने की अनुमति देने वाले लाइसेंस को भी रद्द कर दिया। ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई के जबाव में बहरीन और कुवैत पर हमले किए।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में कहा कि ईरान के साथ अंतरिम समझौता ‘‘समाप्त’’ हो गया है, लेकिन वह बातचीत जारी रहने देंगे। इससे चिंता बढ़ गई कि पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष फिर शुरू हो सकता है और इसी के साथ कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया।

युद्धविराम की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह समाप्त हो चुका है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि बातचीत जारी रख सकते हैं लेकिन उन्होंने उसके नतीजे को लेकर संदेह जताया। ट्रंप ने कहा, ‘‘वे बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मेरे हिसाब से वे अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।’’

पोतों पर हमलों से जलडमरूमध्य में ईंधन की ढुलाई फिर शुरू कराने के प्रयासों को खतरा पैदा हो गया है। यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।

दोनों ओर से हमले ऐसे समय में हुए, जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कई दिन तक चलने वाले अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम जारी हैं। खामेनेई 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में मारे गए थे। अंतिम संस्कार कार्यक्रम बृहस्पतिवार को समाप्त होंगे। ऐसा माना जा रहा था कि ईरान में शोक की इस अवधि में तनाव कम होगा लेकिन शोक मनाने वाले लोगों ने ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए कई बार ‘‘मुर्दाबाद’’ के नारे लगाए।

अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत को खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के बाद बहाल किए जाने का कार्यक्रम था। इस वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह फिर से खोलने और तेहरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने जैसे कठिन मुद्दों पर चर्चा होनी थी लेकिन हालिया हमलों ने इस प्रक्रिया को खतरे में डाल दिया है। हालांकि किसी भी देश ने तत्काल यह संकेत नहीं दिया कि वह वार्ता से पीछे हटेगा।

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘धौंसपट्टी और जबरन वसूली का दौर खत्म हो चुका है। इससे कोई नतीजा नहीं निकलेगा। हम झुकते नहीं हैं।’’

‘यूएस सेंट्रल कमान’ ने कहा कि अमेरिकी बलों ने ‘‘एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में बेकसूर नागरिकों वाले चालक दल द्वारा संचालित वाणिज्यिक पोतों को निशाना बनाने और उन पर हमला करने की भारी कीमत वसूलने के लिए’’ ये हमले किए।

उसने कहा कि उसने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें वायु रक्षा प्रणालियां, रडार और ईरान के अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली 60 से अधिक छोटी नौकाएं शामिल हैं।

उसने कहा कि जलडमरूमध्य में पोतों के लिए खतरा पैदा करने में इन नौकाओं की अहम भूमिका रही है।

समझौते को लेकर ट्रंप की हालिया टिप्पणियों के बाद बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत पांच प्रतिशत से अधिक बढ़ गई।

अमेरिकी सेना ने कहा कि समझौते का पालन नहीं होने की स्थिति में वह ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए ‘‘तैयार’’ है। उसने कहा कि इस दौर के हमले समाप्त हो गए हैं।

ईरान के सरकारी मीडिया ने बंदर महशहर सहित कई स्थानों पर धमाकों की खबर दी। बंदर महशहर में रिवोल्यूशनरी गार्ड का एक सदस्य मारा गया। सरकारी मीडिया ने बुशहर पर भी हमलों की खबर दी, जहां ईरान का परमाणु ऊर्जा संयंत्र परिसर स्थित है।

अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के ठिकाने बहरीन और अमेरिकी थलसेना की मौजूदगी वाले कुवैत में बुधवार सुबह मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की गयी।



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