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अमेरिका अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हथियार की तरह देखने लगा है. ट्रंप प्रशासन ने एंथ्रोपिक के सबसे उन्नत AI मॉडल्स पर सख्त निर्यात नियंत्रण लगा दिए हैं. सरकार का कहना है कि इन मॉडल्स का गलत इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है. इसके बाद कंपनी को दुनिया भर के ग्राहकों के लिए एक्सेस बंद करना पड़ा है.
एंथ्रोपिक पर लगे प्रतिबंध.
वॉशिंगटन: जिस तरह कभी परमाणु तकनीक, मिसाइल और एडवांस्ड हथियारों की टेक्नोलॉजी अमेरिका दूसरे देशों के हाथ नहीं लगने देता था, वैसा ही अब वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ करता दिख रहा है. राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर ट्रंप इसे भी रोक रहे हैं. ट्रंप प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि अत्याधुनिक AI मॉडल अब सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि रणनीतिक संपत्ति और आने वाले समय में हथियार हैं. अमेरिकी सरकार ने AI कंपनी एंथ्रोपिक के सबसे एडवांस्ड मॉडल ‘मिथोस 5’ और ‘फेबल 5’ पर सख्त निर्यात नियंत्रण लगा दिए हैं. इसके बाद अब कंपनी इन मॉडल्स को सीधे दुनिया में नहीं पहुंचा सकती है.
आखिर क्या हुआ?
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई को पत्र भेजकर बताया कि कंपनी के सबसे शक्तिशाली AI मॉडल्स को अमेरिका के बाहर किसी भी देश, विदेशी कंपनी या विदेशी व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विशेष लाइसेंस लेना होगा. इतना ही नहीं, हर ट्रांसफर के लिए अलग से सरकारी मंजूरी भी लेनी पड़ सकती है. नियम तोड़ने पर वित्तीय और कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा.
सरकार को डर किस बात का है?
एक प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार, सरकार को तब चिंता हुई जब दूसरी कंपनी ने दावा किया कि वह एंथ्रोपिक के मॉडल की सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ने यानी ‘जेलब्रेक’ करने में सफल रही. जेलब्रेक का मतलब है AI पर लगे सुरक्षा प्रतिबंधों को तोड़कर उससे ऐसी जानकारी या काम करवाना जो सामान्य रूप से प्रतिबंधित हो. इससे अमेरिकी प्रशासन को आशंका हुई कि इतने शक्तिशाली AI सिस्टम का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ हो सकता है. अधिकारी ने कहा कि सरकार चाहती थी कि एंथ्रोपिक नए मॉडल जारी करने को कुछ समय के लिए रोक दे, लेकिन कंपनी इसके लिए तैयार नहीं हुई.
कंपनी ने बंद किया एक्सेस
सरकारी आदेश के बाद एंथ्रोपिक ने देर रात घोषणा की कि वह मिथोस और फेबल मॉडल्स तक सभी ग्राहकों की पहुंच अस्थायी रूप से बंद कर रही है. कंपनी ने कहा, ‘हमें लगता है कि यह एक गलतफहमी है और हम जल्द से जल्द एक्सेस बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं.’
इस महीने की शुरुआत में ट्रंप प्रशासन ने एक कार्यकारी आदेश भी जारी किया था, जिसके तहत सबसे उन्नत AI मॉडल्स को सार्वजनिक इस्तेमाल से पहले टेस्ट किया जाएगा. हालांकि यह व्यवस्था स्वैच्छिक बताई गई थी और व्हाइट हाउस ने औपचारिक लाइसेंसिंग सिस्टम से बचने की कोशिश की थी. लेकिन एंथ्रोपिक के मामले ने दिखा दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल आने पर सरकार सीधे हस्तक्षेप करने को तैयार है.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें




