Last Updated:
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय ‘द पेंटागन’ में अचानक ‘रेड अलर्ट’ घोषित होने से पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया. पेंटागन के भीतर लगे अत्याधुनिक एयर-क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम ने हवा में किसी खतरनाक और जानलेवा पदार्थ की मौजूदगी का सिग्नल दे दिया था, जिसके बाद अधिकारियों के पसीने छूट गए और आनन-फानन में इमारत की दूसरी से पांचवीं मंजिल और कॉरिडोर नंबर 4 से 7 को पूरी तरह लॉकडाउन कर दिया गया. हालांकि, हजमैट और अर्लिंग्टन फायर टीम की एडवांस्ड जांच इसे एक ‘फॉल्स अलार्म’ और तकनीकी गड़बड़ी बताया गया है.
पेंटागन में लॉकडाउन
वॉशिंगटन: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय ‘द पेंटागन’ के भीतर अचानक ‘रेड अलर्ट’ घोषित कर दिया गया, आनन-फानन में कमरे खाली कराए जाने लगे, बिल्डिंग छोड़ कर लोग भागने लगे, कई मंजिलों में लॉकडाउन लगा दिया गया. ये अफरा-तफरी तब मची जब पेंटागन में खतरनाक पदार्थ फैलने का अलार्म बजने लगा. अधिकारियों और मिलिट्री कमांडर्स के पसीने छूट गए. ईरान के साथ चल रही जंग के बीच आई इस खबर से पूरी दुनिया में ये कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या अमेरिका के दिल पर कोई बड़ा रासायनिक हमला हुआ है? हालांकि, सच्चाई कुछ और ही निकली.
पेंटागन के अंदर हुआ क्या
दरअसल, पेंटागन की बिल्डिंग में लगे एयर-क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम ने हवा में किसी बेहद खतरनाक और जानलेवा पदार्थ फैलने सिग्नल दे दिया. इसके बाद अलॉर्म बज उठे. जैसे ही पेंटागन के सुरक्षा सिस्टम ने हवा में गड़बड़ी पकड़ी, पूरे मुख्यालय में हड़कंप मच गया. पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने आनन-फानन में बयान जारी कर बताया कि ये सुरक्षा अलर्ट एक बेहद गंभीर ‘एयर क्वालिटी इश्यू’ की वजह से ट्रिगर हुआ है. सीएनएन की रिपोर्ट इसे फॉल्स अलार्म बताया गया है.
पेंटागन में लगाया गया लॉकडाउन
पेंटागन की सुरक्षा टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए प्रभावित हिस्सों में काम कर रहे हजारों सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ का सख्त आदेश जारी कर दिया. इसका मतलब ये था कि जो कर्मचारी जहां है, वह उसी कमरे में खुद को बंद कर ले और बाहर न निकले. वहीं, कुछ बेहद संवेदनशील हिस्सों को तुरंत खाली कराकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
सीएनएन के मुताबिक, पेंटागन के भीतर की सुरक्षा इतनी कड़ी कर दी गई है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता. बताया जा रहा है कि इमारत की दूसरी मंजिल से लेकर पांचवीं मंजिल तक और कॉरिडोर नंबर 4 से लेकर 7 तक को पूरी तरह से ब्लॉक और लॉकडाउन कर दिया गया है. इन मंजिलों पर अमेरिका के कई वीआईपी मिलिट्री ऑपरेशन्स के दफ्तर हैं. इन कमरों को बंद करने के बाद पेंटागन के सेंट्रल कोर्टयार्ड में कई जांच एजेंसियों की गाड़ियां और फायर फाइटर्स मुस्तैद दिखाई दे रहे हैं.
हजमैट और अर्लिंग्टन फायर टीम बुलाई गई
पेंटागन फोर्स प्रोटेक्शन एजेंसी की स्पेशल हजमैट यानी खतरनाक मटीरियल से निपटने वाली टीम के साथ ‘अर्लिंग्टन काउंटी फायर डिपार्टमेंट’ की विशेष टुकड़ियां तुरंत मौके पर बुलाई गईं. इस मामले पर पेंटागन की तरफ से जारी इंटरनल मैसेज में साफ कहा गया है ‘हवा की क्वालिटी जांच के बाद एडवांस्ड टेस्टिंग की जरूरत है, जिसमें कम से कम एक से दो घंटे का समय लग सकता है. हमारी रिस्पांस टीमें पूरी तरह से तैनात हैं. सेंटर कोर्टयार्ड में कई एजेंसियों की हलचल देखकर कोई गलत अंदाजा न लगाया जाए, यह पूरी तरह से सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा है’.
About the Author

If world leaders are arguing, borders are shifting, or a geopolitical storm is brewing somewhere on the planet, chances are Utkarsha Srivastava is already reading and writing about it.
A digital journalist w…और पढ़ें




