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खराब कोलेस्ट्रॉल को शरीर से निकाल फेंकने को लेकर अच्छी खबर सामने आई है. एक जर्नल में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक नई जीन थेरेपी VERVE-102 लिवर में PCSK9 जीन बंद कर खराब कोलेस्ट्रॉल LDL को औसतन 62 प्रतिशत तक घटा सकती है. इससे हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी बीमारियों पर लगाम लग सकती है.
खराब कोलेस्ट्रॉल को हटाने के लिए नई जीन थेरेपी पर हो रहा रिसर्च, आई खुशखबरी.
New Gene Therapy for Bad Cholesterol: हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का असली इलाज मिल गया है.वैज्ञानिकों ने हार्ट की बीमारियों के लिए जिम्मेदार खराब कोलेस्ट्रॉल को शरीर से निकाल फेंकने की थेरेपी तैयार की है. ऐसे में कोलेस्ट्रॉल को कम करने की दवाओं से तो छुटकारा मिलेगा ही हार्ट या कार्डियक अरेस्ट की घटनाओं पर भी लगाम लगने की संभावना है.
यह नई प्रयोगात्मक जीन थेरेपी गुड कोलेस्ट्रॉल को छेड़ेगी भी नहीं और बेड कोलेस्ट्रॉल को शरीर में से खींचकर अलग कर देगी. विशेषज्ञों की मानें तो इस थेरेपी से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बहुत ज्यादा कम किया जा सकता है. सबसे खास बात है कि यह कमी कम से कम एक साल और अधिकतम कई साल तक बनी रह सकती है. जिससे हार्ट की बीमारियों का खतरा काफी कम हो सकता है.
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक यह एक बड़ी चिकित्सा उपलब्धि है, जिसमें एक बार दी जाने वाली जीन थेरेपी खराब कोलेस्ट्रॉल को तेजी से कम कर सकती है. न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित स्टडी में बताया गया कि VERVE-102 नाम की इस थेरेपी को लेने के बाद विरासत में मिले हाई कोलेस्ट्रॉल और शुरुआती हृदय रोग वाले मरीजों में LDL कोलेस्ट्रॉल को 62% तक कम कर दिया.
डॉक्टरों का कहना है कि अभी यह शुरुआती अध्ययन है, जिसमें परिणाम काफी अच्छे मिले हैं. अगर बड़े अध्ययनों में भी यह नतीजा सही साबित होता है, तो भविष्य में हृदय रोग को रोकने के लिए यह एक रामबाण इलाज हो सकता है.
एम्स के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अम्बुज रॉय ने बताया कि यह अध्ययन कोलेस्ट्रॉल जीन एडिटिंग के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, “यह अध्ययन दिखाता है कि PCSK9 जीन को एक बार एडिट करने से LDL कोलेस्ट्रॉल काफी कम हो जाता है और यह कमी लंबे समय तक बनी रहती है. अगर लंबे समय तक सुरक्षा साबित हो गई, तो यह हृदय रोग के इलाज में बड़ी क्रांति ला सकता है.”
क्या है जीन थेरेपी और कैसे काम करती है?
यह थेरेपी लीवर में बने PCSK9 नामक जीन को हमेशा के लिए बंद कर देती है. यह जीन ही खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को नियंत्रित करता है. इसमें ‘बेस एडिटिंग’ नाम की नई और सटीक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.
इस थेरेपी को लेकर किए गए ट्रायल में 35 मरीज शामिल किए गए. इन सभी को फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (विरासत में मिला बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल) था. डॉक्टरों ने इस थेरेपी की डोज को कई मात्रा में अलग-अलग मरीजों को दिया और फिर देखा कि उच्च डोज लेने वाले मरीजों में कोलेस्ट्रॉल सबसे ज्यादा कम हुआ. सबसे ज्यादा डोज में औसतन 62% कमी देखी गई. कई मरीजों में यह कमी पूरे एक साल तक बनी रही.
कोलेस्ट्रॉल है हार्ट डिजीज का सबसे बड़ा कारण
डॉक्टरों का कहना है कि खराब कोलेस्ट्रॉल की शरीर में उच्च दर हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और धमनियों में ब्लॉकेज का सबसे बड़ा कारण है. कई मरीज दवाएं लेने के बावजूद भी खतरे में रहते हैं. इस ट्रायल में कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं देखा गया. कंपनी ऐली लिली ने कहा है कि वे इस साल VERVE-102 के Phase-2 क्लिनिकल ट्रायल शुरू करेंगे.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें





