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Parijat Leaves Tea Health Benefits: पहाड़ों के आंगन में महकने वाला पारिजात (हरसिंगार) का पेड़ सिर्फ अपनी खूबसूरती और खुशबू के लिए ही नहीं, बल्कि अपने जादुई औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है. बागेश्वर समेत उत्तराखंड के तमाम पहाड़ी इलाकों में इसके पत्तों से तैयार होने वाली ‘हर्बल चाय’ जोड़ों के दर्द और पुरानी जकड़न के लिए एक अचूक घरेलू नुस्खा मानी जाती है. बदलती जीवनशैली के बीच लोग अब केमिकल वाली दवाइयों को छोड़कर इस पारंपरिक प्राकृतिक पेय को खूब पसंद कर रहे हैं. जानिए कैसे बनती है यह सेहतमंद चाय और इसका सेवन करते समय आपको किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए.
बागेश्वर समेत उत्तराखंड के कई पहाड़ी क्षेत्रों में पारिजात के पेड़ को केवल सजावटी पौधे के रूप में नहीं, बल्कि औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है. ग्रामीण इलाकों में इसके पत्तों और फूलों का उपयोग लंबे समय से घरेलू उपचार के तौर पर किया जाता रहा है. स्थानीय जानकार किशन मलड़ा बताते हैं कि पारिजात के पत्तों से बनी चाय शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करती है. विशेष रूप से घुटनों और जोड़ों के दर्द से परेशान लोग इसका सेवन करते हैं. पहाड़ों में कई परिवार अपने आंगन में पारिजात का पेड़ लगाते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर इसके पत्तों का उपयोग किया जा सके.

पारिजात की चाय बनाना बेहद आसान है. इसके लिए सबसे पहले एक बर्तन में एक गिलास पानी डालें. इसके बाद पारिजात के कुछ ताजे पत्ते तोड़कर पानी में डाल दें. पानी को अच्छी तरह उबालें ताकि पत्तों के गुण पानी में घुल जाएं. स्वाद और अतिरिक्त लाभ के लिए इसमें लौंग, इलायची या अदरक भी मिलाया जा सकता है. जब पानी अच्छी तरह उबल जाए तो इसे छानकर चाय की तरह पिया जाता है. कई लोग इसे काढ़े के रूप में भी सेवन करते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह या शाम के समय इस चाय का सेवन करना लाभकारी माना जाता है.

स्थानीय स्तर पर पारिजात के पत्तों की चाय को जोड़ों और घुटनों के दर्द में उपयोगी माना जाता है. पहाड़ों में बुजुर्ग लोग वर्षों से इसका सेवन करते आ रहे हैं. उनका कहना है कि नियमित रूप से पारिजात की चाय पीने से शरीर में जकड़न कम महसूस होती है, जोड़ों को आराम मिलता है. हालांकि यह कोई त्वरित इलाज नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे राहत मिलने की बात कही जाती है. कई लोग इसे अन्य घरेलू उपचारों के साथ भी अपनाते हैं. प्राकृतिक गुणों के कारण यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में सहायक मानी जाती है.
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डॉ ऐजल पटेल ने लोकल 18 को बताया कि पारिजात के पत्तों में कई ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जिन्हें शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे इम्यूनिटी बढ़ाने वाले पौधे के रूप में भी जानते हैं. मौसम बदलने के दौरान सर्दी-जुकाम और सामान्य संक्रमण से बचाव के लिए कई लोग इसकी चाय पीते हैं. माना जाता है कि इसके नियमित सेवन से शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो सकती है. पहाड़ों में जहां लोग प्राकृतिक उपचारों पर अधिक भरोसा करते हैं, वहां पारिजात की चाय का उपयोग काफी आम है.

पारिजात का पेड़ घर के आंगन, बगीचे या खेत के किनारे आसानी से लगाया जा सकता है. यह पौधा अधिक देखभाल नहीं मांगता और सामान्य परिस्थितियों में भी अच्छी तरह बढ़ता है. पहाड़ी क्षेत्रों की जलवायु इसके लिए अनुकूल मानी जाती है. एक बार पेड़ विकसित हो जाने पर वर्षों तक इसके पत्ते और फूल प्राप्त किए जा सकते हैं. यही वजह है कि कई ग्रामीण परिवार इसे अपने घरों में लगाना पसंद करते हैं. औषधीय उपयोग के साथ-साथ इसके सुंदर और सुगंधित फूल भी लोगों को आकर्षित करते हैं. यह पौधा पर्यावरण के लिए भी लाभदायक माना जाता है

पारिजात केवल अपने पत्तों के लिए ही नहीं, बल्कि खूबसूरत और सुगंधित फूलों के लिए भी प्रसिद्ध है. इसके फूल सुबह के समय जमीन पर गिरे हुए दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग पूजा-पाठ में इस्तेमाल करते हैं. कई स्थानों पर फूलों का उपयोग आयुर्वेदिक तैयारियों में भी किया जाता है. ग्रामीणों के अनुसार इसके फूल और पत्ते दोनों स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं. पारिजात को धार्मिक और औषधीय दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जाता है. इसकी खुशबू वातावरण को भी सुगंधित बनाती है, जिससे घर और बगीचे की सुंदरता बढ़ जाती है.

आजकल लोग रासायनिक उत्पादों की बजाय प्राकृतिक और घरेलू उपायों की ओर अधिक ध्यान दे रहे हैं. इसी वजह से पारिजात जैसे औषधीय पौधों की मांग भी बढ़ रही है. पहाड़ों में पारंपरिक ज्ञान के आधार पर कई लोग इसकी चाय का सेवन करते हैं. प्राकृतिक पेय पदार्थों को अपनाने से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है. किसी भी घरेलू नुस्खे को चमत्कारी इलाज नहीं मानना चाहिए. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह के साथ ही ऐसे उपायों का लाभ अधिक मिलता है. पारिजात की चाय भी इसी श्रेणी में शामिल है.

पारिजात की चाय का सेवन करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. यदि किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी है, वह नियमित दवाएं ले रहा है तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए. गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए भी विशेषज्ञ की राय लेना बेहतर रहता है. किसी भी औषधीय पौधे का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए सीमित मात्रा में ही इसका उपयोग करना चाहिए. पारिजात की चाय को संतुलित जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा सकता है.





