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Mulberry Benefits: गर्मी में हमें ऐसी चीजों को खानी चाहिए जिसकी तासीर ठंडी हो ताकि हमारे पेट में अग्नि की ज्वाला न धधके. गर्मी वो मौसम है जिसमें सबसे ज्यादा पेट ही गर्म रहता है. पेट के गर्म रहने से कई तरह की परेशानियां हो सकती है. इसलिए इस मौसम में ठंडी तासीर की चीजें हम खाते हैं. ठंडी तासीर वाली चीजें बहुत कम है लेकिन हम यहां एक ऐसी चीज के बारे में बता रहे हैं जो है तो बेहद मामूली सा फल लेकिन इसमें शीतलता का भंडार है.
शहतूत के फायदे.
Mulberry Benefits : गर्मी का नौतपा शुरू हो गया है यानी अगले 9 दिनों की भीषण गर्मी होने वाली है. इस भीषण गर्मी के चपेट में सारा देश आ चुका है और इस कारण कई लोगों की जानें भी गई हैं. गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी पेट की तपिश है. हमेशा आपका पेट भारी रहता है जिसकी वजह यह है कि हम ऐसी-ऐसी चीजें खाते हैं जिनकी तासीर गर्म होती है. गर्म तासीर वाली चीजें हमारे ऑवरऑल हेल्थ को नुकसान पहुंचाती है. ऐसे में गर्मी आते ही हमें ठंडी तासीर वाली चीजें खानी चाहिए. खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूज जैसी चीजों को गर्मी में ज्यादा खाना चाहिए. लेकिन हम यहां ऐसी चीज के बारे में बता रहे हैं जिसकी तासीर तो ठंडी होती ही है साथ ही यह सेहत के लिए अमृत समान है. इसका नाम है शहतूत.
शहतूत के फायदे
शहतूत बहुत ही छोटा फल होता है. इसमें 88 प्रतिशत पानी होता है. इसके साथ ही इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रैट, फाइबर और हेल्दी फैट भी होता है. इसका आकार मुश्किल से एक-डेढ़ इंच तक होता है और यह नुकीले आकार का होता है. इसका स्वाद खट्टा-मीठा है. इसे खाने में बहुत मजा आता है. शुरुआत में यह हरा होता है, इसके बाद लाल होने लगता है लेकिन जब काला हो जाए तो इसका मतलब है कि यह अब पूरी तरह से पक गया है. शहतूत का कूलिंग इफेक्ट बहुत ज्यादा है. यह शरीर को अंदर से शीतलता प्रदान करती है. इससे शरीर हाइड्रेट रहता है.
- जलन दूर करने वाला- आयुर्वेद के अनुसार शहतूत की तासीर बहुत ठंडी होती है. इसलिए यह पेट की अग्नि को शांत करती है. यह दाह नाशक का काम करता है. अगर छाती में बहुत ज्यादा जलन है, पेट में एसिडिटी है, तलवों में जलन की समस्या है तो शहतूत का सेवन करना चाहिए. शहतूत सिर्फ इसी गर्मी के महीनों में मिलता है. इसके रस का सेवन करना अद्भुत राहत देता है. शहतूत में थर्मिक लोड यानी हैवी मेटल जो पेट में चला जाता है उसे मेटाबोलाइज्ड करने की क्षमता ज्यादा होती है. गर्मी के दिनों में शरीर में पित्त बढ़ जाता है, जिससे हाथ-पैरों में जलन, एसिडिटी और घबराहट होती है. शहतूत का सेवन इस बढ़े हुए पित्त को तुरंत शांत करता है.
- इलेक्ट्रोलाइट संतुलन- गर्मी के दिनों में शरीर को सबसे ज्यादा इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है. गर्मी में पसीने के जरिए शरीर से काफी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं. इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स कम होने लगते हैं. अत्यधिक गर्मी लगने पर डिहाइड्रेशन होने लगता है. अगर इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस ज्यादा खराब हो गया तो हार्ट अटैक की भी आशंका होती है. शहतूत में पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम और आयरन होता है जो इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को दूर करता है.
- एंटीऑक्सीडेंट्स की भरमार: शहतूत में कई तरह के बायोएक्टिव कंपाउड होता है. इसमें एंथोसायनिन, सयानीडाइन, क्लोरोजेनिक एसिड, रुटीन और माइरीसेटिन नाम के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. इन सबका पहला काम ये होता है कि गर्मी के कारण जो कोशिकाओं की क्षति होती है, उन क्षति को होने से रोकता है. इससे स्किन से लेकर बॉडी में सूजन कम होती है.
- कई बीमारियों को रोकने में सक्षम-शहतूत में कई बीमारियों के जोखिम को कम करने की क्षमता होती है. शहतूत का सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और हार्ट की कोशिकाओं से ऑक्सीडेशन को कम करता है. इससे हार्ट मजबूत होता है. शहतूत सभी तरह की क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को कम करता है. यह लिवर फंक्शन को बूस्ट करता है. इससे कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है.
- ब्लड शुगर कम-शहतूत खाने में खट्टा-मीठा होता है लेकिन यह ब्लड शुगर को कम करने में माहिर है. जो लोग टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित हैं उन्हें शहतूत का सेवन जरूर करना चाहिए. रिसर्च के मुताबिक शहतूत में 1-डिऑक्सीनोरोजिरीमाइसिन नाम का कंपाउड होता है जो यह पेट में उस एंजाइम को बनने से रोकता है जो कार्बोहाइड्रैट को तोड़ता है. इस कारण शुगर अचानक नहीं बढ़ता है.
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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें





