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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रंप सार्वजनिक रूप से अपनी पत्नी को असहज करते और उनकी पीठ पर हाथ लगाते दिख रहे हैं, जिसके जवाब में मेलानिया ने उनका हाथ झटक दिया. अमेरिका में इसे भले ही एक साधारण अनबन माना जाए, लेकिन भारत में ऐसी हरकतें ‘रूपन देओल बजाज बनाम केपीएस गिल’ जैसे ऐतिहासिक केस की याद दिलाती हैं, जहां सार्वजनिक रूप से महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने पर सजा का प्रावधान है.
ट्रंप और मेलानिया का अनकंफर्टेबल वीडियो
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की पर्सनल लाइफ कई मौकों पर मजाक का पात्र बनी है. इस बार जब वो ब्रिटिश रॉयल कपल का स्वागत अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ करने पहुंचे तो फिर से कुछ ऐसा ही कांड हो गया. कई मोमेंट्स ऐसे थे जिन्हें देखकर लगा कि ट्रंप ने सबके सामने अपनी पत्नी को असहज महसूस कराया, मेलानिया खुद ट्रंप का हाथ झटकती दिखाई दीं. अमेरिका में भले ही इसे सिर्फ एक ‘अजीब पल’ कहकर टाल दिया जाए, लेकिन भारत में ऐसी हरकतें किसी भी पुरुष को सलाखों के पीछे पहुंचा सकती हैं. भारत का कानून महिलाओं की गरिमा और उनके सम्मान को लेकर कितना सख्त है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण ‘रूपन देओल बजाज Vs केपीएस गिल’ केस है.
ट्रंप-मेलानिया का ‘अनकम्फर्टेबल’ वीडियो?
ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया के साथ किंग चार्ल्स और उनकी पत्नी कैमिला के साथ फोटोशूट करवाने पहुंचे. इस दौरान ट्रंप-मेलानिया का ऑकवर्ड मोमेंट दुनिया के सामने आ गया, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है. इस वीडियो में ट्रंप हाथ बढ़ाने की कोशिश करते हैं लेकिन मेलानिया असहज होकर उनका हाथ झटक देती हैं लेकिन ट्रंप स्टेज पर फिर से हाथ बढ़ा देते हैं.
सिर्फ यही नहीं वीडियो में एक और मौके पर ट्रंप पब्लिक स्पेस में मेलानिया की पीठ पर इधर-उधर हाथ लगाते दिख रहे हैं. अगर ट्रंप जैसा व्यवहार भारत में कोई रसूखदार व्यक्ति भी करे, तो उसे रूपन देओल बजाज केस की याद आ जाएगी. ये मामला भारतीय कानून के इतिहास में मील का पत्थर है.
भारत में हुआ वो मामला क्या था?
1988 में पंजाब के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (DGP) केपीएस गिल ने एक पार्टी के दौरान वरिष्ठ IAS अधिकारी रूपन देओल बजाज के साथ अभद्र व्यवहार किया था. रूपन देओल ने इसे सिर्फ एक छोटी बात मानकर नहीं छोड़ा. उन्होंने इसे अपनी गरिमा और एक महिला की ‘Modesty’ पर हमला माना. उन्होंने इस हरकत की वजह से पति के खिलाफ केस कर दिया.
पत्नी की गरिमा को ठेस पहुंचाने पर लगा थी कौन सी धाराएं?
सालों की लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने माना कि किसी भी महिला को सार्वजनिक रूप से असहज करना या उसे अनुचित तरीके से छूना अपराध है. गिल को IPC की धारा 354 और 509 के तहत दोषी ठहराया गया. इसके बाद आरोपी पति को 3 महीने की जेल हुई और 2 लाख रुपए का मुआवजा देने के लिए कहा गया. हालांकि, रूपन ने मुआवजे के पैसे लेने से इनकार कर दिया था.
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