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Human Waste on Moon: हम धरती से चांद को देखते हैं तो ऐसा लगता है मानो कोई बेहद खूबसूरत सी चीज आकाश में टांग दी गई हो. हालांकि जब इंसान चांद पर पहुंचा तो सच्चाई इससे अलग थी. वैसे दिलचस्प ये भी है कि गड्ढों और धूल वाले चांद पर किसी ने मल भी छोड़ रखा है, वो 96 अलग-अलग प्लास्टिक के थैलों में. आखिर ऐसा क्यों हुआ होगा?
चांद पर पहुंचने की इ्ंसान की तमन्ना पूरी हुई और नील आर्मस्ट्रांग नाम के एस्ट्रोनॉट ने चांद पर उतरने के बाद जो पहली तस्वीर ली थी, उसमें एक फेंका हुआ कचरे का बैग दिखाई देता है. आप सोचेंगे कि आखिर इन बैग्स में क्या होगा और क्या वो चांद पर ही छोड़ दिए गए? (NASA)

माना जाता है कि उसमें कोई स्मारक नहीं बल्कि इंसानी मल या पॉटी थी. ऐसे कुल 96 बैग अपोलो प्रोग्राम के अंतरिक्ष यात्रियों ने 6 मिशनों के दौरान चांद पर छोड़ दिए थे. आखिर चांद पर ये गंदगी छोड़ी क्यों गई, जब एस्ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष यान में गए थे. क्या उसमें कोई बाथरूम नहीं थे? (NASA)

असल में अपोलो अंतरिक्ष यान में कोई बाथरूम नहीं था. इसलिए अंतरिक्ष यात्रियों को एक साधारण तरीका अपनाना पड़ता था, जिसमें प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल किया जाता था. यह तरीका पूरी तरह सुविधाजनक नहीं था, इसलिए कई बार गंदगी फैलने की घटनाएं भी हुईं. (NASA)
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जब अपोलो मिशन के दौरान चांद से पत्थर और नमूने लाने थे, तो इसके लिए अंतरिक्ष यान का वजन कम करना जरूरी था, इसलिए अंतरिक्ष यात्रियों ने 96 बैग छोड़े गए. इन बैग्स में पेशाब, मल और उल्टी शामिल थी, जिन्हें चांद की सतह पर ही छोड़ दिया गया. (NASA)

इसके अलावा भी कुछ चीजें छोड़ी गईं, जिनमें भूकंप मापने वाले यंत्र, रिफ्लेक्टर भी थे, ताकि पृथ्वी से रिसर्च जारी रह सके. जिस यान से वे चांद पर उतरे, उसका निचला हिस्सा वहीं छोड़ दिया गया. (NASA)

इस मिशन को 50 साल से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन यह कचरा वहां आज भी सुरक्षित पड़ा है. अब वैज्ञानिक इस पर शोध करना चाहते हैं. वे जानना चाहते हैं कि क्या इन बैग्स में मौजूद सूक्ष्म जीव चांद जैसे कठोर वातावरण में जिंदा रह पाए या बदल गए. इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि जीवन कितनी कठिन परिस्थितियों में भी टिक सकता है और क्या वह अंतरिक्ष में फैल सकता है. (NASA)

वैसे इसके अलावा भी चांद पर कई चीजें छोड़ी गई थीं, जिनमें से एक नील आर्मस्ट्रॉन्ग का एक जूता भी था. आज भी अपोलो मून मिशन की तस्वीरों में उनके जूतों के निशान चांद पर दिखते हैं. इसकी वजह ये है कि यहां कोई वातावरण नहीं है और हवा यहां की धूल उड़ाती नहीं है.

कुछ भारी सामान जैसे जूते, बैग और टूल्स वजन कम करने के लिए छोड़ दिए गए, ताकि चांद से पत्थर लाए जा सकें. कई कैमरे और उपकरण भी वहीं छोड़ दिए गए. Fallen Astronaut नाम की एक छोटी मूर्ति और एक पट्टिका, जो अंतरिक्ष में मारे गए लोगों की याद में रखी गई. चांद पर हवा और पानी नहीं है, इसलिए वहां रखी ज्यादातर चीजें आज भी लगभग वैसी ही पड़ी हैं.





