बिहार में गंगा के बीच बसा इकलौता आइलैंड फिर खुला, घूमने से पहले लगाया गया ये नया नियम, पर्यटकों का है सबसे पसंदीदा जगह


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Bhagalpur Kahalgaon Ganga Island Tourism: भागलपुर के कहलगांव गंगा आइलैंड को शर्तों के साथ फिर खोला गया है. अब यहां बिना लाइसेंस के नाव को पानी में उतरना मना कर दिया गया है. इसके अलावा पॉलीथिन फूड को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसके साथ ही रोपवे और लक्ष्मण झूला भी बनाने की तैयारी हो रही है.

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भागलपुर: अगर आप भी गर्मी में घूमने का प्लान कर रहे हैं और आप बिहार का आइलैंड घूमना चाह रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. आपको बता दें कि अब यहां का आइलैंड आप पहले की तरह नहीं घूम पाएंगे. क्योंकि अब आप यहां कुछ शर्तों के साथ यहां घूम पाएंगे. यहां सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर इस आइलैंड को बंद कर दिया गया था, लेकिन यह जिले का एक अद्भुत पर्यटन स्पॉट है. इसलिए इसे शर्तो के साथ खोला गया है. इसको लेकर जिला प्रशासन ने नाविक को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि जिनके पास लाइसेंस है. वही नाव गंगा में जाएगी. वहीं, आइलैंड पर पानी में उतरना साफ मना है. ऐसा करने वाले लोगों के ऊपर कार्रवाई की जाएगी. आप यहां पर पॉलीथिन युक्त खाद्य सामग्री भी नहीं ले जा सकते हैं. इन कड़े शर्तो के साथ आप इस आइलैंड को घूम पाएंगे.

कहलगांव का है अद्भुत पर्यटन स्थल

अगर हम विशेष रूप से कहलगांव क्षेत्र की बात करें तो यह पर्यटन स्थल के लिए काफी खास है. यहां गंगा के बीचों-बीच आइलैंड है, जो पूरे बिहार में कहीं और नहीं है. जब आप कहलगांव के पास गंगा के किनारे जाएंगे तो वहां का दृश्य आपको अचरज में डाल देगा. यहां तीन पहाड़ियां हैं, जो गंगा के बीच में स्थित हैं. इन पहाड़ियों की अपनी-अपनी अलग कहानियां हैं. अब सरकार इन्हें रॉक कट टेंपल के रूप में सुरक्षित घोषित करने जा रही है.

तीन पहाड़ियों की है अलग-अलग कहानी

जब आप भागलपुर आएंगे और कहलगांव के पास गंगा किनारे पहुंचेंगे तो वहां का दृश्य देखकर आपका मन इन पहाड़ियों को नजदीक से देखने का करेगा. कहलगांव राजघाट से आगे गंगा नदी में ये तीनों पहाड़ियां स्थित हैं, जो बिहार के लोगों के लिए अद्भुत आकर्षण का केंद्र बन चुका है. पहली पहाड़ी शांति बाबा का पहाड़ है. दूसरी बंगाली बाबा पहाड़ और तीसरी पंजाबी बाबा पहाड़ है. इन पहाड़ियों के नाम बाद में पड़े, पहले ये बुद्धा आश्रम, तापस आश्रम और नानकशाही आश्रम के रूप में जाने जाते थे. इन तीनों पहाड़ियों का स्वरूप इतना अलौकिक है कि सैलानी यहां खींचे चले आते हैं.

अब यहां आना और होगा आसान

आपको बता दें कि यहां आना और भी आसान होने वाला है. क्योंकि अब यहां पर रोपवे और लक्ष्मण झूला लगाया जा रहा है. अभी तक इस पहाड़ी तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन अब जल्द ही सीधे रोपवे के माध्यम से यहां तक पहुंच कर आप इस नजारे का आनंद ले पाएंगे. गर्मी आते ही यह जगह किसी विदेशी स्थल से कम नहीं लगता है.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें



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