डोंगरगढ- राजनांदगांव प्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की लगातार हो रही कमी ने आम जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई पेट्रोल पंप 10–15 दिनों से बंद पड़े हैं, खुले पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं राजनांदगांव जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव विष्णु लोधी ने कहा कि यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और सरकार की विफल नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और आम उपभोक्ता सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। खेती-किसानी के कार्यों में बाधा आ रही है, मजदूरों का रोजगार प्रभावित हो रहा है और आम नागरिक अपनी दैनिक जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है।
विष्णु लोधी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य की भाजपा सरकार एक ओर यह दावा करती है कि पेट्रोल, डीजल और गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। यदि आपूर्ति पर्याप्त है, तो आखिर डीलरों को पूरा पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं मिल रहा? आखिर इन सबकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही और आपूर्ति तंत्र की कमजोरी के कारण यह संकट गहराता जा रहा है, जिससे कालाबाजारी और महंगाई बढ़ने की आशंका भी प्रबल हो गई है।
इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है।
विष्णु लोधी ने कहा कि केन्द्र सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर तेल कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाना चाहिए। केवल दावे करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्यवाही आवश्यक है। उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार पारदर्शिता के साथ जनता को बताए कि आपूर्ति में बाधा कहां है और इसे दूर करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जनता को राहत देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, न कि समस्याओं से मुंह मोड़ना।





