भीषण गर्मी में बच्चों को नहीं आ रहा पसीना, लेकिन तप रहा शरीर…कानपुर में ये कैसी आफत, जानिए बचाव


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Dry heat health tips : ड्राई हीट सामान्य लू से ज्यादा खतरनाक है. इसमें बच्चे का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, लेकिन पसीना नहीं आता. लोकल 18 से कानपुर बाल रोग चिकित्सक डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि ऐसी हालत में बच्चे के शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है, जो अंदरूनी अंगों के लिए खतरनाक है. अगर बच्चा बहुत गर्म लगे, चेहरा लाल हो जाए, बार-बार पानी मांगे, उल्टी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या आंखें बंद करने लगे तो तुरंत ध्यान देने की जरूरत है.

कानपुर. यूपी के कानपुर में पड़ रही भीषण गर्मी अब बच्चों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है. डॉक्टरों ने माता-पिता को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है. उनका कहना है कि इस मौसम में बच्चों में ‘ड्राई हीट’ का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. यह सामान्य लू से ज्यादा खतरनाक स्थिति होती है. इसमें बच्चे का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, लेकिन पसीना नहीं आता. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो हालत गंभीर हो सकती है. लोकल 18 से कानपुर के बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि तेज गर्मी में अगर बच्चे के शरीर से पसीना निकल रहा है तो शरीर खुद को ठंडा करने की कोशिश कर रहा होता है. लेकिन अगर बच्चा तप रहा हो, उसकी स्किन बहुत गर्म लगे और पसीना बिल्कुल न आए तो यह खतरे की घंटी है. ऐसी हालत में बच्चे के शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है और अंदरूनी अंगों पर असर पड़ सकता है.

बच्चे क्यों आते हैं जल्दी चपेट में

डॉ. गौतम के मुताबिक, बच्चों का शरीर बड़ों के मुकाबले गर्मी को जल्दी पकड़ता है. छोटे बच्चे अपनी परेशानी ठीक से बता भी नहीं पाते. कई बार बच्चा खेलते-खेलते अचानक सुस्त हो जाता है, रोने लगता है, चिड़चिड़ा हो जाता है या गोद में चिपक जाता है. यह संकेत हो सकता है कि गर्मी उसे परेशान कर रही है. अगर बच्चा बहुत गर्म लगे, चेहरा लाल हो जाए, बार-बार पानी मांगे, उल्टी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या आंखें बंद करने लगे तो तुरंत ध्यान देने की जरूरत है. अगर साथ में पसीना भी न आ रहा हो तो देर करना खतरनाक हो सकता है.

ये सावधानियां जरूरी

ऐसी स्थिति में बच्चे को तुरंत धूप या गर्म जगह से हटाकर ठंडी जगह ले जाएं. उसके कपड़े ढीले करें और शरीर को गीले कपड़े से पोछें. पंखा चलाएं या ठंडी हवा में रखें. अगर बच्चा होश में है तो थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाएं, लेकिन अगर बच्चा सुस्त पड़ रहा हो, ठीक से बोल न रहा हो या बेहोशी जैसा लगे तो तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं. डॉक्टर गौतम कहते हैं कि दोपहर की तेज धूप में बच्चों को बाहर न भेजें. उन्हें हल्के सूती कपड़े पहनाएं. बार-बार पानी, नींबू पानी, ORS या घर का तरल पदार्थ देते रहें. खेलने के लिए सुबह या शाम का समय बेहतर है. बंद गाड़ी या बिना हवा वाले कमरे में बच्चे को अकेला न छोड़ें. कानपुर में गर्मी लगातार बढ़ रही है. अगर बच्चा गर्म है लेकिन पसीना नहीं आ रहा, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह ‘ड्राई हीट’ का संकेत हो सकता है. समय पर इलाज ही बच्चे को सुरक्षित रख सकता है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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