Kids Heatwave Safety Tips: गर्मियों का मौसम आते ही धूप की तीखी तपिश हर किसी को परेशान करने लगती है, लेकिन सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है. खासकर 0 से 16 साल तक के बच्चे लू की चपेट में जल्दी आ जाते हैं, क्योंकि उनका शरीर तापमान को संतुलित करने में उतना सक्षम नहीं होता. ऐसे में माता-पिता के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि बच्चों को लू से कैसे बचाया जाए, उनका खानपान कैसा हो और दिनचर्या में क्या बदलाव किए जाएं. यह सिर्फ सावधानी का मामला नहीं है, बल्कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा सवाल है. अगर थोड़ी समझदारी से कदम उठाए जाएं, तो गर्मी के इस मौसम को बच्चों के लिए सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सकता है.
बच्चों पर लू का असर क्यों ज्यादा होता है?
बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है. वे खेलते-खेलते पानी पीना भूल जाते हैं और धूप में ज्यादा देर रहने से उनका शरीर जल्दी गर्म हो जाता है. छोटे बच्चों को यह समझ भी नहीं होता कि कब उन्हें आराम करना चाहिए.
रोजमर्रा की छोटी गलतियां बनती हैं बड़ी वजह
अक्सर देखा गया है कि बच्चे दोपहर में बाहर खेलते रहते हैं या पानी कम पीते हैं. कई बार माता-पिता भी उनकी दिनचर्या पर ध्यान नहीं दे पाते. यही छोटी-छोटी लापरवाहियां लू का कारण बनती हैं.
क्या खिलाएं और क्या न खिलाएं?
गर्मियों में बच्चों का खानपान हल्का और हाइड्रेटिंग होना चाहिए.
उन्हें ताजे फल जैसे तरबूज, खीरा, आम का पना और नारियल पानी देना फायदेमंद होता है. घर का बना दही, छाछ और नींबू पानी भी शरीर को ठंडा रखते हैं.
किन चीजों से रखें दूरी?
बाजार के पैकेज्ड जूस, ज्यादा मीठे पेय और तली-भुनी चीजें बच्चों के शरीर में गर्मी बढ़ा सकती हैं. आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन भी नुकसानदेह हो सकता है, भले ही वो तुरंत राहत देते हों.
गर्मियों में बच्चों का सही रूटीन
बच्चों की दिनचर्या में थोड़ा बदलाव बहुत फर्क ला सकता है.
सुबह जल्दी उठना, हल्की एक्सरसाइज या खेल और फिर दोपहर में घर के अंदर आराम करना जरूरी है. 11 बजे से 4 बजे के बीच बच्चों को बाहर न जाने दें.
कपड़ों और नींद का भी रखें ध्यान
बच्चों को ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं. रात में अच्छी नींद भी जरूरी है ताकि उनका शरीर दिनभर की थकान से उबर सके.
माता-पिता के लिए जरूरी सुझाव
बच्चों को बार-बार पानी पीने के लिए याद दिलाएं. अगर बच्चा बाहर जा रहा है तो उसे टोपी या छाता जरूर दें. स्कूल जाने वाले बच्चों के बैग में पानी की बोतल और हल्का खाना जरूर रखें.
कई बार बच्चों में लू के शुरुआती लक्षण जैसे चक्कर आना, उल्टी या तेज बुखार दिखते हैं. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और बच्चे को ठंडी जगह पर आराम देना चाहिए.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)





