Donald Trump calls election Stolen: अमेरिकी चुनाव चोरी-धांधली से भरे हैं अपने ही संविधान पर सवाल उठा रहे ट्रंप इलेक्शन में क्यों चाहते हैं बदलाव?


होमदुनियाअमेरिका

‘अमेरिकी चुनाव चोरी-धांधली से भरे हैं’, अपने ही संविधान पर सवाल उठा रहे ट्रंप

Last Updated:

US Election Controversy: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ऐसा बयान दिया है कि वे विवादों में आ गए. इस बार उन्होंने अपने एक कानून को पास करवाने के लिए अमेरिका के चुनावी सिस्टम को ही धांधली बता दिया है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका के चुनाव मजाक बनकर रह गए हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

डोनाल्ड ट्रंप.

Why Donald Trump Calls US Elections Rigged: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने ही देश की चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के चुनाव धांधली से भरे, चोरी हुए और दुनिया भर में मजाक बन चुके हैं. उनके इस बयान के बाद अमेरिका में चुनाव सुधार को लेकर बहस फिर तेज हो गई है. ट्रंप पहले भी बाइडेन की जीत के बाद अमेरिकी चुनाव के सिस्टम को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर चुके हैं. अब वे मिडटर्म इलेक्शन से पहले चुनाव का मुद्दा उठा रहे हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन नेताओं से अपील करते हुए ‘SAVE AMERICA ACT’ नाम के एक बड़े चुनाव सुधार कानून को लागू करने की मांग की है. ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखी और कहा कि अगर चुनाव प्रणाली को ठीक नहीं किया गया, तो देश का भविष्य खतरे में पड़ सकता है. इस प्रस्ताव के तहत उन्होंने तीन मुख्य बदलावों की बात की है-

  • हर वोटर के लिए पहचान पत्र यानि वोटर आईडी दिखाना अनिवार्य किया जाए.
  • वोट देने से पहले नागरिकता का प्रमाण देना जरूरी हो.

मेल-इन बैलेट यानि डाक से वोटिंग के सिस्टम को लगभग खत्म कर दिया जाए. सिर्फ बीमारी, विकलांगता, सेना या यात्रा जैसी खास परिस्थितियों में ही ये मान्य हो.

अमेरिका के ‘चुनाव’ में क्या बदला चाहते हैं ट्रंप?

  1. इससे पहले 31 मार्च को ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे. इस आदेश में हर राज्य में वोट देने के योग्य नागरिकों की सूची तैयार करने और केवल सत्यापित मतदाताओं को ही डाक मतपत्र भेजने का निर्देश दिया गया था. ट्रंप ने इसे पूरी तरह कानूनी और सुरक्षित बताया.
  2. हालांकि चुनाव विशेषज्ञों और विपक्षी दलों ने इस आदेश का कड़ा विरोध किया है. उनका कहना है कि यह संविधान के खिलाफ है. इसके चलते वोटिंग अधिकारों के समर्थकों और डेमोक्रेटिक नेताओं ने इसे अदालत में चुनौती दी है.
  3. गौरतलब है कि इससे पहले भी चुनाव से जुड़ा एक अन्य आदेश, जो लगभग एक साल पहले जारी किया गया था, संघीय अदालतों ने रोक दिया था. अदालतों का कहना था कि राष्ट्रपति को सीधे चुनावी नीतियां तय करने का संवैधानिक अधिकार नहीं है.

क्यों अटका हुआ है चुनाव में बदलाव का कानून?

ट्रंप लंबे समय से मेल-इन बैलेट के जरिए धोखाधड़ी और गैर-नागरिकों की ओर से वोटिंग के आरोप लगते रहे हैं. हालांकि इन दावों को लेकर विशेषज्ञों में मतभेद हैं और ठोस सबूतों को लेकर बहस जारी है. फिलहाल सेव अमेरिका एक्ट कानून अमेरिकी संसद में अटका हुआ है. इसका विरोध डेमोक्रेटिक पार्टी कर रही है और बिना सीनेट की फिलिबस्टर प्रक्रिया के इसे पास नहीं कराया जा सकता.

About the Author

authorimg

Prateeti Pandey

News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img