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वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में होने वाले व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एक बड़ा और सनसनीखेज विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों ने होटल की दीवार पर ट्रंप और बदनाम अपराधी जेफरी एपस्टीन के पुराने रिश्तों को उजागर करने वाला एक वीडियो प्रोजेक्ट किया, जिसमें कई चौंकाने वाले दावे किए गए. वीडियो में एपस्टीन के उन सीक्रेट ईमेल्स का जिक्र है जहां ट्रंप को ‘वो कुत्ता जो भौंका नहीं’ कहा गया है.
ट्रंप को लेकर एपस्टीन ई-मेल लीक
वॉशिंगटन : अमेरिका के मशहूर हिल्टन होटल में एक बड़ी दावत होने वाली थी, जहां डोनाल्ड ट्रंप चीफ गेस्ट बनकर पहुंचने वाले थे, लेकिन उनके आने से ठीक पहले वहां कुछ ऐसा हुआ जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति की ‘गंदी बेइज्जती’ माना जा रहा है. अचानक होटल की दीवार पर एक वीडियो चलने लगा जिसमें ट्रंप और बदनाम अपराधी जेफरी एपस्टीन के पुराने रिश्तों की पोल खोली गई. प्रोजेक्टर के जरिए ट्रंप को लेकर कुछ ईमेल्स भी दिखाए गए, जिसमें ‘लड़कियों के राज ‘ को लेकर चौंकाने वाली बातें थीं.
वॉशिंगटन के हिल्टन होटल की दीवार पर खुला राज!
ट्रंप-एपस्टीन फाइलों का वो ‘काला’ सच!
वीडियो में ट्रंप प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा गया कि अभी तक एपस्टीन की आधी फाइलें ही सार्वजनिक की गई हैं. आरोप लगाया गया कि जो पन्ने सामने आए हैं, उनमें से भी सैकड़ों पन्नों पर काली स्याही पोत दी गई है ताकि सच्चाई छिप सके. सबसे बड़ी बात ये कि कई ताकतवर शख्सियतों के नाम हटा दिए गए हैं और दावा किया गया कि उन नामों में खुद ट्रंप का नाम भी शामिल है!
‘कुत्ता अभी तक भौंका क्यों नहीं?’: एपस्टीन
इस पूरे ड्रामे में सबसे चौंकाने वाला खुलासा एक ईमेल को लेकर हुआ. साल 2011 में एपस्टीन ने अपनी साथी गिस्लेन मैक्सवेल को एक मेल लिखा था जिसमें उसने ट्रंप के बारे में अजीब बात कही थी. एपस्टीन ने लिखा था, ‘तुम्हें अहसास होना चाहिए कि वो कुत्ता जो अब तक नहीं भौंका, वो ट्रंप है’. यानी एपस्टीन को इस बात पर हैरानी थी कि ट्रंप ने अब तक उस पर कोई सार्वजनिक आरोप क्यों नहीं लगाया. मैक्सवेल का जवाब भी उतना ही रहस्यमयी था, उसने कहा, ‘मैं भी इसी बारे में सोच रही थी’.
ट्रंप जानते थे लड़कियों का राज?
वीडियो में माइकल वोल्फ को लिखे एपस्टीन के एक और मेल का जिक्र किया गया. इसमें एपस्टीन ने दावा किया था कि ट्रंप को उन लड़कियों के बारे में सब पता था. इतना ही नहीं, यह भी आरोप लगाया गया कि ट्रंप ने एयर फोर्स वन पर खुद माना था कि उन्हें पता है कि मार-ए-लागो से लड़कियों को एपस्टीन के लिए भर्ती किया जा रहा था. जब एक पीड़ित लड़की के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप का हल्का सा जवाब था- ‘शायद वो स्पा में काम करती थी’.
बढ़ गई ट्रंप की मुश्किलें
दो मिनट के इस वीडियो प्रोजेक्शन ने पूरी दुनिया के सामने ट्रंप को ‘कवर-अप’ यानी सच छिपाने का दोषी ठहरा दिया. आर्काइव फुटेज और अधूरी फाइलों की तस्वीरों ने यह साबित करने की कोशिश की कि पर्दे के पीछे बहुत कुछ ऐसा है जो जनता से छिपाया जा रहा है. वॉशिंगटन का सबसे वीआईपी इलाका उस रात एक बड़े राजनीतिक अखाड़े में बदल गया, जिसने ट्रंप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
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Utkarsha Srivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of News18 Hindi. With over a decade of extensive experience in hindi digital media, sh…और पढ़ें





