Health News: क्या कुत्ते के नाखून गिनने से रेबीज का जहर कम हो जाता है? विज्ञान के दौर में भी पूर्णिया के ग्रामीण इलाकों में एक अजब-गजब गणित चल रहा है. यहां कुत्ता काटने पर लोग डॉक्टर के पास भागने के बजाय पहले कुत्ते के पैर पकड़कर उसके नाखून गिनने में जुट जाते हैं. दरअसल, गंगेली और आसपास के गांवों में यह पुरानी भ्रांति जड़ जमाए हुए है कि 18 नाखून वाला कुत्ता ‘साधारण’ होता है, जबकि 20 नाखून वाला कुत्ता ‘अत्यंत विषैला’ होता है. लोग मानते हैं कि 18 नाखून होने पर खतरा नहीं है, जो कि एक जानलेवा अंधविश्वास है. रामबहादुर सिंह जैसे गांव के बुजुर्ग अब इस भ्रम के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं. उनका कहना है कि कुत्ता चाहे 18 नाखून का हो या 20 का, वायरस नाखून देखकर हमला नहीं करता. अगर आप भी इस ‘नाखून वाले गणित’ के भरोसे बैठे हैं, तो सावधान हो जाएं. रेबीज का इलाज नाखून गिनना नहीं, बल्कि अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाना है. याद रखें, भ्रांति पालना जान जोखिम में डालना है.





