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साल 2026 का अंत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए दोहरी मुसीबतें लेकर आने वाला है, जो उनके राजनीतिक और निजी जीवन दोनों को हिलाकर रख सकता है. एक तरफ ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध, परमाणु कोड्स का विवाद और 25वें संशोधन के जरिए उन्हें पद से हटाने की बढ़ती मांग ने व्हाइट हाउस में तनाव का माहौल बना दिया है तो दूसरी तरफ उनकी शादीशुदा जिंदगी में भी बड़े तूफान के संकेत मिल रहे हैं.
ट्रंप और मेलानिया को लेकर ज्योतिष की भविष्यवाणी
वॉशिंगटन: 2026 की शुरुआत डोनाल्ड ट्रंप के लिए जितनी धमाकेदार रही थी, साल का अंत उनके लिए उतना ही डरावना साबित हो सकता है. ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध और परमाणु कोड्स के विवाद ने पहले ही ट्रंप की रातों की नींद उड़ा रखी है. अब खबर आ रही है कि उनके निजी जीवन में भी भूकंप आने वाला है. अंतरराष्ट्रीय ज्योतिषियों की भविष्यवाणियों ने वॉशिंगटन के गलियारों में हलचल तेज कर दी है. ट्रंप को न केवल अपनी गिरती लोकप्रियता और 25वें संशोधन के खतरे से जूझना होगा, बल्कि उनके दांपत्य जीवन में भी एक ऐसा मोड़ आने वाला है जो उनकी ‘पावर कपल’ वाली छवि को हमेशा के लिए बदल सकता है.
अक्टूबर 2026 में मेलानिया की अग्निपरीक्षा
बताया जा रहा है कि 3 से 25 अक्टूबर के दौरान मेलानिया के सामने कुछ ऐसी ‘कड़वी सच्चाइयां’ आ सकती हैं जिन्हें अब तक दबाया गया था. पुराने राज या ट्रंप के किसी पुराने अफेयर की खबरें फिर से सुर्खियां बन सकती हैं. ज्योतिषी का कहना है कि इस दौरान मेलानिया खुद अपनी शादी के भविष्य पर सवाल उठा सकती हैं. नवंबर के मध्य तक सुलह की कोशिशें तो होंगी लेकिन 15 नवंबर के बाद ही साफ होगा कि यह शादी टिकेगी या नहीं.
सियासी मैदान में भी ‘चारों खाने चित’ ट्रंप
सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि दफ्तर यानी व्हाइट हाउस में भी ट्रंप के लिए स्थितियां बेहद खराब हैं. ईरान युद्ध लंबा खिंचने और इजरायल के साथ रिश्तों में आई उलझन की वजह से ट्रंप की एप्रूवल रेटिंग माइनस में जा चुकी है.
विपक्षी दल अब 25वां संशोधन के तहत ट्रंप को ‘अनफिट’ करार देकर उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं. पार्टी के अंदर भी उनके फैसलों का विरोध शुरू हो गया है. साल के खत्म होते तक उनके करियर में भी भूचाल आ सकता है.
मेलानिया की सक्रियता: क्या यह तूफान से पहले की शांति है?
पिछले कुछ हफ्तों में मेलानिया को बच्चों के कार्यक्रमों और कैपिटल हिल की मीटिंग्स में काफी सक्रिय देखा गया है. मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि यह उनकी एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है ताकि वे अपनी छवि को राजनीति के कीचड़ से दूर और पाक-साफ रख सकें.
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Utkarsha Shrivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of News18 Hindi. With over 11 years of extensive experience in digital media, she has…और पढ़ें





