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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ समारोह अतिथि सूची; शेख हसीना रानिल विक्रमसिंघे | नेपाल भूटान
5 मिनट पहले
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पीएम मोदी ने अब तक अपने हर शपथ ग्रहण समारोह में पड़ोसी देशों के नेताओं को न्योता भेजा है। 2014 में सार्क संगठन के सदस्यों को 2019 में बिम्सटेक सदस्यों को आमंत्रित किया गया था।
कांग्रेस चुनाव में एनडीए की जीत के बाद नरेंद्र मोदी 8 जून को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस समारोह के लिए भारत के पड़ोसी देशों के नेताओं को न्योता भेजा जाएगा।
इनमें श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड समेत मॉरीशस और भूटान के नेता शामिल होंगे। श्रीलंका के राष्ट्रपति के मीडिया डिवीजन ने इसकी पुष्टि भी की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने बुधवार को फोन करके पीएम मोदी को चुनाव जीतने पर बधाई दी थी। इसी दौरान मोदी ने उन्हें शपथ ग्रहण में शामिल होने का न्योता दिया, जिसे विक्रमसिंघे ने स्वीकार कर लिया। वहीं बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के साथ भी फोन पर बातचीत के दौरान मोदी ने उन्हें समारोह का उद्घाटन किया।

6 जून को आए कांग्रेस चुनाव के दिनों में भाजपा को 240 वोट मिले। वहीं एनडीए गठबंधन को 293 मौतें। इसी के साथ उन्होंने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
पुतिन ने पीएम मोदी को फोन कर दी जीत की बधाई
नेपाल के पीएम प्रचंड ने भी पीएम मोदी को फोन कर बधाई दी। पीटीआई ने पूर्वजों के पन्नों से बताया कि बाकी देशों के नेताओं को आज शपथ ग्रहण समारोह के लिए न्योता भेजा जाएगा। इससे पहले मंगलवार (6 जून) को चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद पीएम मोदी को आधी दुनिया ने बधाई दी।
इनमें भारत के पड़ोसी देशों के नेताओं के अलावा, रूस के राष्ट्रपति चुनाव, अमेरिका के राष्ट्रपति पद के दावेदार, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति, इजरायल और जापान के प्रधानमंत्री समेत 70 से ज्यादा नेता शामिल रहे। सभी ने पीएम मोदी को तीसरे कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। साथ ही भारत के साथ मिलकर पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
2014 में SAARC, 2019 में BIMSTEC सदस्यों को दिया गया था न्योता
इससे पहले 2014 में अपने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पीएम मोदी ने सार्क देशों के नेताओं को न्योता भेजा था। इसके तहत पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, तत्कालीन राष्ट्रपति हामिद करजई और श्रीलंका के राष्ट्रपति महेंद्र राजपूत करीम समारोह में शामिल हुए थे।
इसके अलावा शेख हसीना की जगह बांग्लादेश के हाउस स्पीकर कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसके बाद अपने दूसरे कार्यकाल के लिए 2019 में हुए शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी ने बिम्सटेक देशों के नेताओं को आमंत्रित किया था। समारोह में किर्गिस्तान, श्रीलंका, मोरीशस, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार के नेता हिस्सा लिया था।

तस्वीर 2014 में पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह की है। इसमें पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ और श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे शामिल हुए थे।
SAARC संगठन क्या है
सार्क की स्थापना 1985 में की गई थी। सार्क शिखर सम्मेलन, दक्षिण एशिया के आठ देशों के राष्ट्र प्रमुखों की होने वाली बैठक है, जो हर दो साल में होती है। सरक में अफगानिस्तान, भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल शामिल हैं। अंतिम सार्क शिखर सम्मेलन 2014 काठमांडू में आयोजित किया गया था।
इसके बाद वर्ष 2016 में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सरक सम्मेलन हुआ था। लेकिन साल 2016 में पाकिस्तान से आए सैन्य ठिकानों पर आतंकी हमला किया गया था। इसके विरोध में भारत ने सरकार समिति में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। तब से सरक देशों के बीच कोई बैठक नहीं हुई है।
बंगाल की खाड़ी के आसपास के देशों का समूह है बिम्सटेक
बिम्सटेक, यानी बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल)। यह एक क्षेत्रीय बहुपक्षीय संगठन है। इस क्षेत्रीय संगठन की स्थापना 1997 में की गई थी।
इसके सदस्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के देश हैं। सदस्य बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड में शामिल हैं। इस संगठन का उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना तथा साझा हितों के मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच तालमेल बनाने के लिए सकारात्मक माहौल बनाना है।
