काला नमक कैसे बनता है? जानें खाने की सही मात्रा और सेहत को मिलने वाले फायदे


Last Updated:

Kala Namak ke Fayde: क्या आपको भी लगता है कि काला नमक नेचुरल पत्थर को ग्राइंड करके बनाया जाता है? तो ये लेख आपके लिए है. यहां आप ब्लैक सॉल्ट के मेकिंग प्रोसेस और इससे मिलने वाले फायदों के बारे में जान सकते हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

भारतीय रसोई में काला नमक स्वाद बढ़ाने के लिए खूब इस्तेमाल किया जाता है. किसी भी खाने में इसे डालने से उसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. लेकिन काला नमक सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. यह शरीर को संतुलित रखने और कई छोटी-बड़ी समस्याओं में राहत देने में मदद करता है. हालांकि, इसका सही मात्रा और तरीके से सेवन करना जरूरी है.

काला नमक बनाने की प्रक्रिया भी खास होती है. इसे सेंधा नमक, आंवला, हरड़, बहेड़ा जैसी जड़ी-बूटियों और कोयले के साथ मिट्टी के बर्तनों में भरकर भट्टी में 24 से 48 घंटे तक पकाया जाता है. इस प्रक्रिया के कारण नमक का रंग बदलकर बैंगनी-काला हो जाता है और इसमें गंधक जैसी खास महक आ जाती है.

आयुर्वेद में काला नमक को बताया गया गुणकारी
आयुर्वेद में काले नमक को सामान्य नमक से ज्यादा गुणकारी माना गया है. इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं. अगर आपको गैस, कब्ज, पेट फूलना या भारीपन जैसी दिक्कत होती है, तो काला नमक फायदेमंद हो सकता है. यह पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है.

कितनी मात्रा में करना चाहिए सेवन
हर चीज की तरह काला नमक भी सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए.इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए ज्यादा मात्रा में सेवन करने से नुकसान भी हो सकता है. रोजाना आधा चम्मच जितना काले नमक का सेवन सेहत के लिए सुरक्षित होता है. हालांकि इस बात का भी ध्यान रखें कि आप पूरे दिन में कुल एक चम्मच से ज्यादा नमक का सेवन न करें.

काले नमक के सेवन का सही तरीका
अगर आपको कब्ज की समस्या है, तो सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में चुटकी भर काला नमक मिलाकर पी सकते हैं. इससे शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकलने में मदद मिलती है. लेकिन जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या हड्डियों से जुड़ी समस्या है, उन्हें ऐसा करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए या डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

काला नमक सूजन और दर्द को कम करने में भी मदद करता है. जोड़ों के दर्द में काला नमक और रेत की पोटली बनाकर सिकाई करने से राहत मिल सकती है. पेट में जलन होने पर छाछ में भुना जीरा और काला नमक मिलाकर पीना भी फायदेमंद होता है. इससे पेट को ठंडक मिलती है और खासकर गर्मियों में शरीर का संतुलन बना रहता है.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img