होर्मुज स्‍ट्रेट में लगी ऐसी आग, भारत-अमेरिका रिश्‍तों तक पहुंची आंच – hormuz strait crisis india america relation strain 3 indian died in usa attack


होमताजा खबरदेश

होर्मुज स्‍ट्रेट में लगी ऐसी आग, भारत-अमेरिका रिश्‍तों तक पहुंची आंच

Last Updated:

India-USA Hormuz Crisis: होर्मुज स्‍ट्रेट का बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. संकट खत्‍म होने के बजाय लगातार बढ़ता ही जा रहा है. पलाऊ के एक शिप पर अमेरिका ने अटैक कर दिया. इस हमले में तीन भारतीयों की मौत हो गई. भारत ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताया है. अब इससे एक और संकट ने आहट दे दिया है.

Zoom

होर्मुज स्‍ट्रेट का संकट खत्‍म होने के बजाय गहराता ही जा रहा है. अमेरिका ने पलाऊ के एक शिप पर अटैक किया, जिसमें तीन भारतीयों की मौत हो गई. इसपर भारत की ओर से सख्‍त ऐतराज जताया गया है. (फाइल फोटो/Reuters)

India-USA Hormuz Crisis: ओमान तट पर एक तेल टैंकर पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत ने भारत और अमेरिका के रिश्तों के सामने नया संकट खड़ा कर दिया है. जिस समय पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका टकराव लगातार गहरा रहा है, उसी दौरान भारतीय नागरिकों की जान जाने की घटना ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा दिया है. एक्‍सपर्ट का मानना है कि यदि ऐसी घटनाएं दोहराई गईं तो इसका असर भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर भी पड़ सकता है.

पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर अमेरिकी सेना ने ओमान तट के पास कार्रवाई की. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) का दावा है कि जहाज ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया और वह ईरानी तेल लेकर जा रहा था. अमेरिकी विमान ने टैंकर के इंजन रूम को निशाना बनाकर प्रिसिजन स्ट्राइक की. जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से 21 को बचा लिया गया, जबकि तीन नाविक लापता बताए गए थे. बाद में केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उनकी मौत की पुष्टि की.

भारत में अमेरिकी डिप्‍लोमेट तलब

घटना के बाद भारत सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जेसन मीक्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तत्काल बंद होना चाहिए. भारत का यह बयान केवल एक राजनयिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि अमेरिकी कार्रवाई पर गंभीर असहमति का संकेत माना जा रहा है. यह चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि इसी सप्ताह अमेरिकी बलों ने भारतीय चालक दल वाले एक अन्य टैंकर मैरीवेक्स पर भी कार्रवाई की थी. हालांकि, उस घटना में सभी नाविक सुरक्षित बचा लिए गए थे, लेकिन लगातार दो घटनाओं ने भारतीय समुद्री समुदाय और सरकार दोनों की चिंता बढ़ा दी है.

होर्मुज क्राइसिस की असल वजह क्‍या?

इस पूरे विवाद की जड़ ईरान के खिलाफ अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी है. अप्रैल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए समुद्री नाकेबंदी का आदेश दिया था. अमेरिका का आरोप है कि ईरान युद्ध के बावजूद तेल निर्यात जारी रखे हुए है. दूसरी ओर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही को प्रभावित कर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा दिया है. दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार इसी मार्ग से होता है.

होर्मुज स्‍ट्रेट गैस और तेल का बड़ा शिपिंग रूट है. ईरान जंग की वजह से यह मार्ग बुरी तरह से बाधित हुआ है. (फाइल फोटो/Reuters)

भारत के लिए स्थिति संवेदनशील

भारत के लिए यह स्थिति विशेष रूप से संवेदनशील है. एक ओर अमेरिका उसका प्रमुख रणनीतिक और रक्षा साझेदार है, वहीं दूसरी ओर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हित पश्चिम एशिया की स्थिरता से जुड़े हुए हैं. होर्मुज मार्ग से भारत के तेल आयात का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव नई दिल्ली के लिए दोहरी चुनौती बन गया है. संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी इस घटना की निंदा की है. संगठन के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने कहा कि किसी भी पक्ष द्वारा ऐसी कार्रवाई, जिससे नाविकों की जान खतरे में पड़े, स्वीकार्य नहीं है.

भारत-अमेरिका संबंध क्‍या इतने कमजोर हैं?

अब सवाल उठता है कि भारत और अमेरिका के संबंध इतने कमजोर हैं कि इस घटना से उसमें दरार आ जाएगी? एक्‍सपर्ट का मानना है कि भारत और अमेरिका के संबंध किसी एक घटना से टूटने वाले नहीं हैं, लेकिन भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर लंबे समय तक गूंज सकता है. खासकर तब, जब भारत अपने नागरिकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को लेकर पहले से अधिक मुखर रुख अपना रहा है.

भारत की प्राथमिकता क्‍या है?

फिलहाल नई दिल्ली की प्राथमिकता मृत नाविकों के शवों को स्वदेश लाना और घटना की पूरी जानकारी हासिल करना है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या होर्मुज में बढ़ती जंग और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई भारत-अमेरिका संबंधों पर स्थायी असर डालेगी? आने वाले दिनों में वॉशिंगटन की प्रतिक्रिया और दोनों देशों के बीच होने वाली कूटनीतिक बातचीत इस सवाल का जवाब तय करेगी.

About the Author

authorimg

Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img