Last Updated:
फिलहाल ईरान-इजरायल अमेरिका युद्ध विराम लागू है, लेकिन इस बीच ईरान में अमेरिका को आंखें दिखाना शुरू कर दिया है. इस खुलासा सैटेलाइट की तस्वीरों से हुआ है. युद्ध विराम खत्म होने की डेट करीब आते देख ईरान अपने अंडरग्राउंड मिसाइल के ठिकानों को दोबारा से तेजी से तैयार कर रहा है.
तबाह हुए अंडरग्राउंड ठिकानों को दोबारा से कर रहा है दुरुस्त.
नई दिल्ली. फिलहाल ईरान-इजरायल अमेरिका युद्ध विराम लागू है, लेकिन इस बीच ईरान में अमेरिका को आंखें दिखाना शुरू कर दिया है. इस खुलासा सैटेलाइट की तस्वीरों से हुआ है. युद्ध विराम खत्म होने की डेट करीब आते देख ईरान अपने अंडरग्राउंड मिसाइल के ठिकानों को दोबारा से तेजी से तैयार कर रहा है. पिछले दिनों अमेरिका और इजरायल की ओर से यहां पर लगातार हमले किए गए थे.
रिपोर्ट के अनुसार हमलों के दौरान टनल के एंट्री प्वाइंट को भारी बमबारी करके बंद करने की कोशिश की गई थी. करीब छह हफ्तों तक यह कार्रवाई चली थी. लेकिन अब युद्ध विराम का का फायदा उठाकर ईरान इन ठिकानों को दोबारा खोल रहा है और उन्हें तैयार कर रहा है.ईरान डैमेज मिसाइल बंकरों को तेजी से ठीक कर रहा है. कुछ को तो हमले के कुछ घंटों बाद ही दुरुस्त कर दिया गया है. ईरान के कई मिसाइल ठिकाने ग्रेनाइट के मजबूत पहाड़ों के अंदर गहराई में बने हैं. इन तक पहुंचने के लिए टनल से होकर गुजरना पड़ता है, जिसमें स्टोरेज एरिया, लॉन्चिंग प्वाइंट और सीक्रेट रास्ते शामिल हैं. यही वजह है कि इन्हें नष्ट करना आसान नहीं है.
इसके अलावा ईरान ने मोबाइल लॉन्च सिस्टम भी तैयार किए हैं, जिन्हें कहीं भी ले जाकर तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है और फिर छिपा लिया जाता है. इससे इनको ट्रैक करना और भी मुश्किल हो जाता है.
अमेरिका और इजरायल का दावा है कि उन्होंने बड़ी संख्या में लॉन्चर नष्ट कर दिए हैं, पर नुकसान कितना हुआ है, इस पर अभी भी साफ तस्वीर सामने नहीं आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने नकली ठिकानों का इस्तेमाल किया है, जिससे सही जानकारी जुटाना मुकिश्ल हो रहा है.
मिसाइल हमलों की संख्या पहले से कम जरूर हुई है, लेकिन पूरी तरह रोकी नहीं गयी है. इसके अलावा ईरान रोजाना 50 से 100 ड्रोन भी तैनात कर रहा है, जिनमें से ज्यादातर हमलों को रोक लिया जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की रणनीति लंबी लड़ाई के लिए अपनी ताकत बचाकर रखने की है, जिससे भविष्य वह मजबूत स्थिति में बना रहे.
About the Author
करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें





