जिम में ऐसे कपड़े पहनकर बिल्कुल न जाएं ! बिगड़ जाएगा हार्मोनल बैलेंस, एक्सपर्ट बोले- अधिकतर लोग कर रहे गलती


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Gym Clothing Affect Your Health: जिम में पहनने के लिए बनाए जाने वाले स्पोर्ट्स वियर आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं. इन कपड़ों को बनाने में कई केमिकल्स मिलाए जाते हैं, ताकि ये पसीना सोख सकें और बदबू न आए. मगर ये केमिकल्स शरीर के संपर्क में आने से एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं. इससे कई हार्मोनल दिक्कतें पैदा हो सकती हैं. अमेरिकी राज्य टेक्सास में इन स्पोर्ट्स वियर में पाए जाने वाले केमिकल्स की जांच की जा रही है.

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स्पोर्ट्स वियर कपड़ों में एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित करने वाले केमिकल्स हो सकते हैं.

How Your Workout Clothes Harm You: आजकल जिम जाने का ट्रेंड बढ़ गया है और अधिकतर लोग फिट रहना पसंद कर रहे हैं. जिम में जाकर वर्कआउट करना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. कई लोग जिम के लिए स्पोर्ट्स वियर खरीदते हैं और वर्कआउट के दौरान इन कपड़ों से पर्सनैलिटी में चार चांद लग जाते हैं. जिम में खास कपड़े पहनना लोगों को अच्छा लगता है, क्योंकि इन कपड़ों में पसीना जल्दी सूख जाता है और बदबू नहीं आती है. हालांकि अमेरिकी राज्य टेक्सास में इस तरह के कपड़ों की जांच शुरू हो गई है, क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है इन कपड़ों में कई केमिकल्स मिलाए जाते हैं, जो शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ सकते हैं. भारत में भी इस तरह के कपड़ों का ट्रेंड बढ़ गया है, जो चिंताजनक है.

इन कपड़ों में ऐसे केमिकल्स पाए जाने की आशंका जताई गई है, जो शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं. ज्यादातर एक्टिववियर प्लास्टिक-बेस्ड पॉलिमर जैसे- पॉलिएस्टर और नायलॉन से बने होते हैं. इन कपड़ों को स्ट्रेचेबल, पसीना सोखने वाला और दुर्गंध-रोधी बनाने के लिए खास केमिकल्स मिलाए जाते हैं. यही केमिकल्स शरीर के संपर्क में आने पर स्किन और हार्मोन सिस्टम पर बुरा असर डाल सकते हैं. भारत में जिम में सिंथेटिक और टाइट कपड़े पहनने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन इन कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स की जांच और रेगुलेशन अभी भी सीमित है.

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दिल्ली के RML हॉस्पिटल के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. कबीर सरदाना ने TOI को बताया कि भारत की गर्म और आर्द्र जलवायु में ऐसे कपड़े पहनने से फंगल इन्फेक्शन, स्किन इरिटेशन और रैशेज का खतरा बढ़ जाता है. खासकर शरीर के जिन हिस्सों में पसीना ज्यादा आता है, वहां ये समस्याएं ज्यादा हो सकती हैं. जांघों और कूल्हों के आसपास समस्या गंभीर हो सकती है. इन कपड़ों में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल्स जैसे PFAS और फ्थेलेट्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हार्मोनल गड़बड़ी से जोड़ा गया है. ये केमिकल्स कपड़ों को पानी और दाग से बचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. भारत में बिकने वाले कई ब्रांड्स इन्हीं तकनीकों का उपयोग करते हैं.

इसका मतलब यह नहीं है कि जिम में पहनकर जाने वाले सभी कपड़े खतरनाक हैं, लेकिन जागरूक रहना जरूरी है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि लोगों को जिम में कॉटन या नैचुरल फैब्रिक वाले कपड़े पहनकर जाने चाहिए. वर्कआउट के दौरान बहुत टाइट कपड़े पहनने से बचें और वर्कआउट के बाद तुरंत कपड़े बदल लें. अगर त्वचा पर किसी तरह की जलन या खुजली महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. अमेरिका में शुरू हुई यह जांच अब भारत के लिए भी एक चेतावनी बन गई है. यह केवल फैशन या आराम का मुद्दा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है. ऐसे में इसे लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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