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1 Day Weekend Plan After Dehradun Expressway Open: टूरिज्म के लिहाज से दिल्ली वालों के लिए आज ऐतिहासिक दिन है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस का उद्घाटन कर दिया है. अब यह एक्सप्रेस आम जनता के लिए खुल गया है. यानी आपकी गाड़ी अक्षरधाम से बिना किसी रेडलाइट के और बिना किसी रुकावट के सिर्फ ढाई घंटे में देहरादून की सीमा नाप लेगी. ऐसे में यदि आप चाहे तो सुबह दिल्ली से निकलें, पूरा दिन पहाड़ों पर सुकून भरी शांति और बेलौस मौसम का लुत्फ उठाए और रात को अपने घर वापस आ जाएं. दरअसल, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस खुलने से दिल्ली वालों की हर तरह से मौजा ही मौजा है. एक दिन के वीकेंड प्लान में आप देहरादून के आसपास कई चीजों का दीदार कर सकते हैं.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे. Instagram-@Indianinfoguide
Delhi-Dehradun Expressway : दिल्ली की तपती गर्मी और हर तरफ चिल-पौं की आवाज कान ही नहीं दिमाग को भी हिला देती है. इस जहन्नुम जैसी उठा-पटक के बीच अगर आप वीकेंड का एक दिन सुकून भरे माहौल में बिताना चाहते हैं तो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस आपकी मनमांगी मुराद को पूरा करने के लिए खुल गया है. देहरादून एक्सप्रेस दिल्ली वालों के लिए मौजा ही मौजा ला दिया है. इसने पहाड़ों की दूरी को इतना कम कर दिया है कि अब आप सुबह चाय दिल्ली में पीकर, दोपहर का लंच देहरादून की हसीन वादियों में कर सकते हैं और रात को वापस अपने घर भी आ सकते हैं. यह ट्रिप किसी गेम चेंजर से कम नहीं है, क्योंकि इसमें आप कम समय और कम बजट में पहाड़ी सुकून का भरपूर आनंद ले सकते हैं. सुबह देहरादून पहुंचकर आप कई जगहों का 6 से 7 घंटे में दीदार कर सकते है. अगर आप 6 बजे घर से निकलेंगे तो साढ़े 8 बजे देहरादून पहुंच जाएंगे. इसके बाद 7-8 घंटे वहां की हसीन वादियों का दीदार कर रात 10 बजे वहां से घर भी वापस आ सकते हैं.
देहरादून में क्या-क्या खास-सबसे पहले तो आपको देहरादून की खूबसूरत वादियों का दीदार करना चाहिए. देहरादून में ही देखने के लिए बहुत कुछ है. आप 8 से 10 घंटे के अंदर देहरादून की कई शानदार नजारे से रूबरू हो सकते हैं. देहरादून मुख्य शहर से थोड़ी ही दूरी पर पहाड़ों का जन्नत दिखने लगता है. यहां की कुदरती सुंदरता और ऐतिहासिक स्थल विश्व भर में प्रसिद्ध है. यहां का सबसे प्रमुख आकर्षण गुच्चू पानी है, जहां संकरी पहाड़ियों के बीच प्राकृतिक गुफा और बहता पानी एक अद्भुत आनंद देता है. इसके बाद सहस्त्रधारा अपने गंधकयुक्त पानी के झरनों के लिए जाना जाता है, जिसमें कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं. सुकून भरे माहौल को पसंद करने वालों के लिए मिंड्रोलिंग मोनेस्ट्री बेहद शानदार है जो अपनी तिब्बती वास्तुकला के लिए मशहूर है. इसके अलावा देहरादून में आप टपकेश्वर महादेव मंदिर, मालसी डियर पार्क और एफआरआई का भव्य कैंपस देख सकते हैं. शॉपिंग के लिए पलटन बाजार और नजारों के लिए मसूरी रोड बेहतरीन विकल्प हैं. पहली बार के प्लान में सबसे पहले देहरादून ही ट्राई करें.
सहस्त्रधारा-देहरादून से महज 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है सहस्त्रधारा. यहां एक हजार तरफ से आ रही धाराएं एक झरने का रूप ले लेती है. यह एक संकरी प्राकृतिक गुफा है जिसके बीच से घुटनों तक ठंडा पानी बहता है. यहां आप गुफा के अंदर पैदल चलते हैं. यह जगह आपको एडवेंचर का फील देगी. इस गुफा के पानी में सल्फर काफी मात्रा में होता है जिसे औषधीय गुणों वाला माना जाता है. गर्मियों में यहां सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ती है क्योंकि यहां का पानी काफी शीतल और ताज़गी भरा होता है. इसके अलावा, यहां स्थित रोपवे से पहाड़ियों का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है. कुदरती खूबसूरती और औषधीय गुणों के संगम के कारण यह स्थान पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन है.
शाकंभरी देवी और शिवालिक पहाड़ियां-शाकंभरी देवी मंदिर सहारनपुर में स्थित है. यानी इसके लिए देहरादून जाने की जरूरत नहीं है. उससे पहले ही यहां आप जा सकते हैं. यहां दिल्ली से पहुंचने में 2 घंटे से भी कम समय लगेगा. शिवालिक की तलहटी और शाकंभरी देवी मंदिर के आसपास का इलाका प्राकृतिक सुंदरता से भरा है. शिवालिक की पहाड़ियां इसी जगह से शुरू हो जाती हैं. यहां से घने जंगलों और शांत वातावरण का अहसास कराती हैं. यहां की खूबसूरत वादियों में एक तरफ आध्यात्मिक शांति मिलती है. दूसरी तरफ पहाड़ों की ताजी हवा और हरियाली मन को सुकून देती है. एक दिन के सफर में यहां के प्राचीन मंदिरों के दर्शन और शांत पहाड़ी रास्तों पर घूमना एक यादगार अनुभव होता है.
मोहंड की पहाड़ियां और टनल क्षेत्र- देहरादून और सहारनपुर की सीमा पर स्थित मोहंड की वादियां अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गई हैं. इसके लिए भी आपको देहरादून नहीं जाना होगा. उससे पहले ही यह शानदार नजारा मिल जाएगा. एक्सप्रेसवे की नई टनल और ऊंचे पुलों से यहां का नजारा स्विट्जरलैंड जैसा महसूस होता है. यहां की पहाड़ियां घने जंगलों से ढकी हैं और मानसून के समय यहां की हरियाली और धुंध किसी सपने जैसी लगती है. यहां रुककर आप पहाड़ों की ताजी हवा का आनंद ले सकते हैं और एक्सप्रेसवे की आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ प्रकृति के संगम को देख सकते हैं. यह स्थान उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो ज्यादा पैदल चले बिना केवल ड्राइव और नजारों का मजा लेना चाहते हैं.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. Photo-PTI
राजाजी नेशनल पार्क –देहरादून एक्सप्रेस का सबसे बड़ा आकर्षण राजाजी नेशनल पार्क के जंगलों से ऊपर गुजरता हुआ 11 किलोमीटर का एलीवेटेड कॉरिडोर है. इस एलीवेटेड कॉरिडोर में कई जगहों पर स्पेस बनाया गया है ताकि पर्यटक दूर तक फैले पहाड़ और जंगलों का लुत्फ उपर से ही उठा सके और नीचे किसी वन्यजीव को कोई दिक्कत भी न हो. देहरादून पहुंचने से ठीक पहले राजाजी नेशनल पार्क की सीमाएं शुरू हो जाती हैं. एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर से गुजरेगा. यहां से आप नीचे घने जंगलों का नजारा देख सकते हैं. मोहंड और आसपास की वादियों में हाथियों और विविध पक्षियों का बसेरा है. यहां की हसीन वादियां घने साल के पेड़ों और सूखी नदी की घाटियों से सजी हैं. जंगल की शांति और पहाड़ों की ढलानों के बीच समय बिताना प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है.
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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें





