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Ways to make milk more nutritious: बचपन से लेकर बड़े तक हर किसी को दूध का सेवन हर दिन करना चाहिए, क्योंकि इसमें कैल्शियम, विटामिन डी भरपूर होते हैं. दूध पीने से हड्डियों और दांतों को मजबूती मिलती है. बचपन में दूध लोग पीते हैं, लेकिन जैसे ही बड़े होते हैं, दूध का सेवन कम कर देते हैं. इसमें कैल्शियम के साथ ही प्रोटीन, फॉस्फोरस, विटामिन ए, बी12, नियासिन, सेलेनियम, जिंक, पोटैशियम आदि भी होते हैं. कुछ लोगों को दूध चीनी डालकर पीना पसंद होता है, कुछ इसे सादा ही पीते हैं. यदि आप दूध की गुणवत्ता को डबल करना चाहते हैं तो आप इन 5 चीजों को डालकर भी दूध का सेवन कर सकते हैं. इससे आपको कई फायदे होंगे.
दूध हर मौसम, हर दिन और हर उम्र के लोगों को पीना चाहिए, क्योंकि ये आपकी हड्डियों को मजबूत बनाए रखता है. बच्चों को ही नहीं बूढ़े, वयस्क, महिलाओं को हर दिन एक गिलास दूध पीना ही चाहिए. काफी लोगों को सादा दूध पीना पसंद नहीं होता है, ऐसे में वे इसमें चीनी या शहद डालकर पीते हैं. आप दूध की गुणवत्ता, पौष्टिकता, स्वाद को बढ़ाना चाहते हैं तो आप इसमें केसर, शहद, हल्दी, जायफल आदि चीजों को मिलाकर पिएं. शरीर को कई फायदे भी होंगे.

भारतीय परंपरा में दूध को सदियों से ‘पूर्ण आहार’ का दर्जा दिया गया है. वहीं, आयुर्वेद में इसे केवल पोषण नहीं, बल्कि एक प्रभावी औषधि भी माना जाता है. हालांकि, दूध पीने का सही समय और सही तरीका जानना बेहद जरूरी है. यदि आप रात में ठंडा दूध पीकर सोते हैं तो ये आदत छोड़ दें. आप रात के समय बिस्तर पर जाने से पहले हल्का गर्म दूध पिएं. इससे कब्ज की समस्या दूर होगी और सुबह पेट आराम से साफ होगा. रात में गुनगुना दूध पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है.

दूध पीने से शरीर को भरपूर ऊर्जा और पोषण मिलता है. मन को भी शांत करता है. अगर इसे सही तरीके से लिया जाए, तो यह कई बीमारियों से बचाव में मददगार हो सकता है. आमतौर पर लोग सादा दूध पीते हैं, लेकिन इसमें कुछ औषधीय चीजें मिलाने से इसके फायदे और भी ज्यादा बढ़ जाते हैं.
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हल्दी वाला दूध: इसे गर्मियों में भी सीमित मात्रा में लिया जा सकता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है. इस मौसम में सिर्फ एक चुटकी हल्दी ही पर्याप्त होती है. इंफेक्शन, सर्दी-खांसी से बचाव होता है.

जायफल वाला दूध: यह दूध उन लोगों के लिए दवा की तरह काम करेगा, जिन्हें हर बदलते मौसम के साथ संक्रमण घेर लेता है. मौसम बदलते ही खांसी-जुकाम हो जाता है. यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है और सर्दी और जुकाम से भी राहत देता है.

दालचीनी वाला दूध: मधुमेह के रोगियों के लिए दालचीनी का दूध शुगर को नियंत्रित करने में लाभकारी है. यह दूध शुगर को नियंत्रित कर मस्तिष्क को भी शांत रखने में मदद करता है, जिससे नींद न आने की समस्या कम होती है.

अश्वगंधा वाला दूध: अश्वगंधा को आयुर्वेद में त्रिदोष को संतुलित करने की औषधि माना गया है. अगर शरीर में कमजोरी और हड्डियों में दर्द की समस्या बनी रहती है तो अश्वगंधा दूध फायदेमंद रहेगा. यह पुरुषों की कमजोरी को भी दूर करने में मदद करता है.

केसर वाला दूध: अगर महिलाओं में प्रजनन क्षमता कम है तो केसर का दूध गर्भाशय को मजबूती देने का काम करता है. इससे त्वचा और बाल भी खिल उठते हैं.





