रायबरेली से लोकसभा सदस्य राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश को एक आधी-अधूरी योजना को पूरे बदलाव की कहानी बनाकर बेचा गया।
उन्होंने कहा, “सवाल पूछे कि कैसे होते हैं स्मार्ट सिटी, सफलता किस आधार पर तय हुई, कितने शहर सच में बदले, लोगों के जीवन में क्या ठोस बदलाव आया? तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।”
उन्होंने कहा, “सिर्फ बताया गया की करीब 48,000 करोड़ रुपये खर्च हुए, और 97 प्रतिशत प्रोजेक्ट “पूरे” बता दिए, लेकिन अगर सब पूरा है, तो आपके शहर में क्या बदला?”
राहुल गांधी ने दावा किया, “जमीनी हकीकत अलग कहानी कहती है- दूषित पानी और खुले सीवर से मौतें हो रही हैं,गिरते पुल और धंसती सड़कें इस विफलता को और उजागर कर रही हैं।”
उन्होंने कहा, “यह योजना मोदी सरकार की असली कार्यशैली का उदाहरण है- घोषणाएं बड़ी, प्रचार उससे बड़ा, और जवाबदेही शून्य।”
कांग्रेस नेता ने कहा, “आप अपने शहर को सूची में खोजिए और खुद तय कीजिए कि क्या यह वही “स्मार्ट सिटी” है जिसका सपना आपको बेचा गया था?”





