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Morning Walk and Heat Stroke: भीषण गर्मी में सुबह 7-8 बजे ही तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. इसकी वजह से गर्मियों में मॉर्निंग वॉक करते समय लापरवाही हीट स्ट्रोक का कारण बन सकती है. बुजुर्गों को सुबह के वक्त भी हीट स्ट्रोक का रिस्क ज्यादा होता है. अगर कोई व्यक्ति हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाए, तो घर पर समय बर्बाद न करें और जल्द से जल्द अस्पताल ले जाएं. हीट स्ट्रोक में कुछ गलतियां करना जानलेवा हो सकता है.
अगर आप डिहाइड्रेटेड हैं, तो मॉर्निंग वॉक पर भी हीट स्ट्रोक का शिकार हो सकते हैं.
Heat Stroke Symptoms and Treatment: मॉर्निंग वॉक करना हर मौसम में फायदेमंद माना जाता है, लेकिन भयंकर गर्मी में 62 साल के एक शख्स को मॉर्निंग वॉक करना भारी पड़ गया. जब वे सुबह 7-8 बजे के आसपास वॉक पर निकले, तब तापमान करीब 37-38 डिग्री के आसपास था. करीब 20 मिनट बाद वह घर लौट आए और इसके बाद चक्कर आने लगे, उल्टी होने लगी, कंफ्यूजन हो गई और सोफे पर गिर गए. परिजनों ने देखा कि उन्हें पसीना नहीं आ रहा, स्किन लाल हो गई है और गर्म है, तो बेटे को लगा कि शुगर लेवल लो हो गया है. बेटे ने ग्लूकोज का पानी पिलाने की कोशिश की, कमरे की AC चालू कर दी और उन्हें आराम करने को कहा. करीब 1 घंटे तक उनकी तबीयत ठीक नहीं हुई, तो अस्पताल लेकर पहुंचे.
इमरजेंसी में जब डॉक्टर्स ने उनका टेंपरेचर चेक किया, तो वह 104 डिग्री फॉरेनहाइट के आसपास था. डॉक्टर्स समझ गए कि यह हीट स्ट्रोक का मामला है और जांच में पता चला कि इसकी वजह से किडनी को भी थोड़ा नुकसान हुआ है. इसके बाद तुरंत उन्हें सही ट्रीटमेंट दिया गया. यह वाकयालखनऊ मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर के डायरेक्टर डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक के दौरान अक्सर लोग क्या गलतियां कर बैठते हैं, जिससे व्यक्ति की मौत का खतरा बढ़ जाता है और ऐसी कंडीशन में क्या करना चाहिए, जिससे जानलेवा कंडीशन से बचा जा सके.
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