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Why Salt Added in Toothpaste: टूथपेस्ट में नमक मिलाने का उद्देश्य दांतों और मसूड़ों की सफाई को बेहतर बनाना माना जाता है. डेंटिस्ट डॉक्टर वैभव गुलाटी के अनुसार नमक में हल्के एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ओरल हाइजीन सुधारने में मदद कर सकते हैं. हालांकि स्वस्थ दांतों के लिए सही ब्रशिंग और नियमित डेंटल केयर सबसे ज्यादा जरूरी है.
नमक में हल्के एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ओरल हेल्थ को सुधारने में मदद कर सकते हैं.
Is Salt Toothpaste Good for Teeth: दांतों को साफ और हेल्दी बनाए रखने के लिए अच्छी क्वालिटी का टूथपेस्ट इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. टूथपेस्ट खरीदते समय आपने अक्सर विज्ञापनों में नमक वाला टूथपेस्ट जरूर सुना होगा. कई लोग यह मानते हैं कि नमक दांतों को मजबूत बनाता है, जबकि कुछ लोग इसे सिर्फ मार्केटिंग का हिस्सा समझते हैं. अब सवाल है कि आखिर टूथपेस्ट में नमक मिलाने की असली वजह क्या होती है? डेंटिस्ट की मानें तो नमक का इस्तेमाल पुराने समय से ही ओरल हाइजीन और दांतों की सफाई के लिए किया जाता रहा है. आजकल टूथपेस्ट में इसका इस्तेमाल कंट्रोल्ड तरीके से होता है.
नई दिल्ली के पीतमपुरा स्थित गुलाटी डेंटल एंड एस्थेटिक क्लीनिक के डेंटिस्ट डॉ. वैभव गुलाटी ने News18 को बताया आजकल अधिकतर टूथपेस्ट में नमक होता है. नमक में हल्के एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. यही वजह है कि लोगों को गुनगुने नमक पानी से कुल्ला करने की सलाह दी जाती है. इससे मुंह की सफाई बनाए रखने और बैक्टीरिया कम करने में मदद मिल सकती है. टूथपेस्ट में नमक मिलाने का उद्देश्य भी ओरल हाइजीन को बेहतर बनाना माना जाता है. नमक वाले टूथपेस्ट मसूड़ों की सतह को साफ रखने में मदद कर सकते हैं. नमक की हल्की किरकिराहट दांतों पर जमी गंदगी और प्लाक हटाने में सहायक होती है.
डॉक्टर ने बताया कि नमक वाले टूथपेस्ट मुंह की दुर्गंध कम करने में भी मदद कर सकते हैं. नमक मुंह के अंदर बैक्टीरिया की संख्या को कुछ हद तक कंट्रोल करने में सहायक माना जाता है, जिससे सांस की बदबू कम हो सकती है. हालांकि लंबे समय तक बदबू रहने पर डेंटिस्ट से जांच करवाना जरूरी माना जाता है. किसी भी टूथपेस्ट की गुणवत्ता सिर्फ नमक पर निर्भर नहीं करती. आधुनिक टूथपेस्ट में फ्लोराइड, कैल्शियम और दूसरी जरूरी सामग्री भी मिलाई जाती है, जो दांतों को कैविटी से बचाने और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इसलिए केवल नमक देखकर टूथपेस्ट चुनना सही तरीका नहीं माना जाता है.
डॉक्टर के मुताबिक दांतों की सेंसिटिविटी या मसूड़ों की समस्या वाले लोगों को किसी भी टूथपेस्ट का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए. कुछ लोगों में ज्यादा एब्रेसिव यानी रगड़ पैदा करने वाले टूथपेस्ट सेंसिटिविटी बढ़ा सकते हैं. इसलिए अगर दांतों में दर्द, झनझनाहट या मसूड़ों से खून आने जैसी समस्या हो, तो डेंटिस्ट की सलाह लेना बेहतर माना जाता है. स्वस्थ दांतों के लिए सिर्फ सही टूथपेस्ट ही काफी नहीं होता. दिन में दो बार ब्रश करना, सही तरीके से सफाई करना, मीठे खाद्य पदार्थ कम खाना और नियमित डेंटल चेकअप भी बेहद जरूरी हैं. कई लोग सोचते हैं कि महंगा या नमक वाला टूथपेस्ट इस्तेमाल करने से दांत पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे, लेकिन असल में सही ओरल केयर आदतें ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें





