शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा से पहले चीन क्यों परेशान? ट्रंप का घर ही बिखरा, किसके हाथ में है कमान?


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शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा से पहले चीन क्यों परेशान? ट्रंप का घर ही बिखरा

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शी जिनपिंग की 2015 के बाद पहली अमेरिका यात्रा से पहले चीन में बेचैनी बढ़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रा में छह हफ्ते से भी कम समय बचा है, लेकिन किसी अमेरिकी विभाग ने अब तक आयोजन की स्पष्ट जिम्मेदारी नहीं संभाली है. समिट के ठोस नतीजों यानी ‘डिलिवरेबल्स’ पर भी खास प्रगति नहीं हुई है.

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वॉशिंगटन: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा में अब छह हफ्ते से भी कम समय बचा है, लेकिन जिस शिखर बैठक को दुनिया अमेरिका-चीन रिश्तों के लिए बेहद अहम मान रही है, उसकी तैयारियों को लेकर बीजिंग में बेचैनी बढ़ती दिख रही है. वजह कोई नया टैरिफ या बयान नहीं, बल्कि खुद ट्रंप प्रशासन की कथित अव्यवस्था है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी अधिकारियों को चिंता है कि वॉशिंगटन में अब तक यह साफ नहीं है कि शी की यात्रा की तैयारियों की कमान आखिर किसके हाथ में है.

दिलचस्प बात यह है कि चीन को इस स्थिति में कुछ जाना-पहचाना सा नजर आ रहा है. दावा है कि कुछ महीने पहले जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा की तैयारियां हो रही थीं, तब अमेरिका की अव्यवस्थित प्लानिंग ने चीनी अधिकारियों को परेशान किया था. अब कथित तौर पर वही कहानी उलटी दिशा में दोहराती दिख रही है. फर्क इतना है कि इस बार मेजबानी अमेरिका को करनी है और मेहमान हैं शी जिनपिंग.

6 हफ्ते बाकी, लेकिन जिम्मेदारी साफ नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक शी की यात्रा के आयोजन की जिम्मेदारी अभी तक किसी अमेरिकी अधिकारी या एजेंसी ने स्पष्ट रूप से नहीं संभाली है. दोनों देशों के अधिकारी फिलहाल सामान्य तैयारियों में लगे हैं, लेकिन शीर्ष स्तर पर स्पष्ट नेतृत्व की कमी बताई जा रही है. चीन की बेचैनी इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह शी जिनपिंग की 2015 के बाद पहली अमेरिका यात्रा होगी. ऐसे में सुरक्षा, प्रोटोकॉल और दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत की तैयारी काफी पहले पूरी होनी चाहिए थी.

विदेश मंत्रालय की भूमिका पर भी सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली बार ट्रंप की बीजिंग यात्रा की तैयारियों में अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट और US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव की भूमिका प्रमुख रही थी. इस बार भी तस्वीर बहुत अलग नहीं दिख रही. अमेरिकी विदेश मंत्रालय यानी स्टेट डिपार्टमेंट अब तक इस प्रक्रिया में उतना सक्रिय नजर नहीं आया है. सबसे बड़ा सवाल हालांकि यह है कि शी और ट्रंप की मुलाकात से ठोस नतीजे क्या निकलेंगे? रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेताओं की मीटिंग में किन अहम मुद्दों पर समझौता या घोषणा होनी है, इसे लेकर अभी तक खास प्रगति नहीं हुई है. सवाल यही है कि क्या समिट खाली हाथ होगा?

यानी शी की अमेरिका यात्रा जितनी बड़ी कूटनीतिक घटना बनने वाली है, उसकी तैयारी उतनी ही उलझी हुई नजर आ रही है. ऐसे में चीन की चिंता सिर्फ आयोजन को लेकर नहीं, बल्कि इस बात को लेकर भी है कि कहीं ट्रंप के साथ बैठक में चीन को उम्मीद के मुताबिक कोई ठोस नतीजा मिले ही नहीं.

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Yogendra Mishra

Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…

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