यह केवल लोहे और फौलाद का ढांचा नहीं बल्कि समुद्र की लहरों पर तैरता हुआ एक महाविनाशक पावर प्लांट है. ज़ुमवाल्ट क्लास डिस्ट्रॉयर एक ऐसा नाम जिसे अमेरिकी नौसेना ने 21वीं सदी में दुश्मन के काल के रूप में गढ़ा था. इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी रगों में दौड़ने वाली 78 मेगावाट बिजली है. इतनी ऊर्जा जो अमेरिका के एक पूरे छोटे शहर को रोशन कर सकती है. लेकिन अफ़सोस, इस अकल्पनीय क्षमता के पीछे छिपा है अरबों डॉलर का रंज और विफलता का वो दंश जिसने इसे सालों तक बिना हथियारों के सफेद हाथी बनाए रखा. जिस 155mm तोप के लिए इसे बनाया गया था उसके एक गोले की कीमत ने नौसेना की कमर तोड़ दी. आज मई 2026 में यह जहाज अपने इसी बिजली के महासागर का इस्तेमाल कर हाइपरसोनिक मिसाइलों के नए अवतार में लौटा है ताकि अपने अतीत के दागों को धो सके और समुद्र पर अपनी बादशाहत फिर से कायम कर सके!
1. हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस
मई 2026 तक इस क्लास के मुख्य जहाज USS Zumwalt का आधुनिकिकरण पूरा हो चुका है.
· Conventional Prompt Strike (CPS): जहाज से 155mm की पुरानी गन सिस्टम को हटाकर वहां हाइपरसोनिक मिसाइल सेल लगाए गए हैं.
· रफ्तार: ये मिसाइलें Mach 5 (आवाज से 5 गुना तेज) से अधिक की रफ़्तार से दुश्मन पर हमला करेंगी.
· क्षमता: एक जहाज अब 12 हाइपरसोनिक मिसाइलें ले जाने में सक्षम है.
2. रडार की नजरों से ओझल
यह 600 फीट लंबा जहाज होने के बावजूद रडार पर एक छोटी मछली पकड़ने वाली नाव जैसा दिखता है.
· इसका Tumblehome Hull और कोणीय डिजाइन इसे साधारण डिस्ट्रॉयर की तुलना में 50 गुना अधिक कठिन बनाता है ढूंढने के लिए.
3. भविष्य के हथियार: लेजर और रेलगन
Zumwalt को एक ऑल-इलेक्ट्रिक शिप कहा जाता है क्योंकि इसका इंटीग्रेटेड पावर सिस्टम (IPS) लगभग 78 मेगावाट बिजली पैदा करता है.
· इतनी बिजली एक छोटे शहर को रोशन करने के लिए काफी है, जिसे भविष्य में हाई-एनर्जी लेजर वेपंस और Railguns चलाने के लिए रिजर्व रखा गया है.
4. तकनीकी विशिष्टताएं
| Zumwalt-class Destroyer: तकनीकी विनिर्देश (May 2026 Update) | |
|---|---|
| विद्युत क्षमता (Power) | 78 मेगावाट (MW) – एक छोटे शहर को रोशन करने हेतु पर्याप्त |
| स्टील्थ प्रोफाइल | रडार पर एक ‘फिशिंग बोट’ जैसा आकार (साधारण जहाज से 50 गुना कम) |
| नया मुख्य हथियार (2026) | हाइपरसोनिक मिसाइलें (Conventional Prompt Strike) |
| अधिकतम रफ़्तार | 30 नॉट्स (लगभग 56 किमी/घंटा) |
| लंबाई और विस्थापन | 610 फीट लंबी और 15,907 मीट्रिक टन भारी |
| कुल निर्मित जहाज | 03 (USS Zumwalt, Michael Monsoor, Lyndon B. Johnson) |
| अनुमानित लागत | लगभग $4.5 बिलियन+ प्रति जहाज (ऐतिहासिक रूप से सबसे महंगा) |
| क्रू की संख्या | 147 (अत्याधुनिक ऑटोमेशन के कारण अन्य विध्वंसकों से आधा) |
स्थापना से लेकर अब तक का सफरनामा
1. अवधारणा और शुरुआत (1990 के दशक का अंत)
· SC-21 प्रोग्राम: शीत युद्ध की समाप्ति के बाद, अमेरिका को एक ऐसे जहाज की जरूरत महसूस हुई जो समुद्र से जमीन पर सटीक हमला (Land Attack) कर सके.
· नामकरण: इस क्लास का नाम एडमिरल एल्मो ज़ुमवाल्ट (Admiral Elmo Zumwalt) के सम्मान में रखा गया, जो अमेरिकी नौसेना के सबसे कम उम्र के ‘चीफ ऑफ नेवल ऑपरेशंस’ थे.
2. निर्माण और लॉन्चिंग (2008 – 2016)
· अनुबंध: इस जहाज को बनाने का मुख्य काम General Dynamics Bath Iron Works को सौंपा गया.
· निर्माण की शुरुआत: इस श्रेणी के पहले जहाज, USS जुमवाल्ट (DDG-1000) का निर्माण फरवरी 2009 में शुरू हुआ.
· लॉन्च और कमीशनिंग: इसे 29 अक्टूबर 2013 को लॉन्च किया गया और 15 अक्टूबर 2016 को आधिकारिक रूप से अमेरिकी नौसेना में शामिल (Commission) किया गया.
3. बजट का बोझ और योजना में कटौती
· 32 से घटकर 3: शुरुआत में अमेरिकी नौसेना ऐसे 32 जहाज बनाना चाहती थी. लेकिन इसकी भारी लागत (एक जहाज की कीमत लगभग 4.5 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई) के कारण इस संख्या को घटाकर पहले 7 और अंत में केवल 3 कर दिया गया.
· एडवांस गन सिस्टम (AGS) का संकट: इस जहाज की सबसे बड़ी खासियत इसकी 155mm की तोपें थीं, जिनका एक गोला ₹6 करोड़ ($800,000) का था. इतनी भारी कीमत के कारण नौसेना ने इन तोपों के लिए गोले खरीदना बंद कर दिया, जिससे जहाज वर्षों तक बिना मुख्य हथियार के रहा.
सवाल-जवाब
क्या जुमवाल्ट क्लास की पुरानी तोपें (Advanced Gun System) अभी भी काम कर रही हैं?
नहीं, 2026 के अपडेट के अनुसार, USS जुमवाल्ट से दोनों 155mm तोपों को हटा दिया गया है ताकि वहां हाइपरसोनिक मिसाइलों के लॉन्चर लगाए जा सकें.
अमेरिका के पास ऐसे कितने जहाज हैं?
इस क्लास में कुल तीन जहाज हैं: USS जुमवाल्ट (DDG-1000), USS Michael Monsoor (DDG-1001), और USS Lyndon B. Johnson (DDG-1002).





