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Lake Ontario: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साझा झील ओंटारियो का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का आदेश दिया है. अमेरिका में संघीय सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों में नया नाम इस्तेमाल होगा. लेकिन कनाडा ने इसे मानने से इनकार कर दिया है. प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडाई लोग इस झील को लेक ओंटारियो ही कहेंगे.
डोनाल्ड ट्रंप.
US Lake Name Change: अमेरिका और कनाडा के बीच पहले से चल रही तनातनी अब एक झील के नाम तक पहुंच गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का आदेश दिया है. इसके तुरंत बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कर दिया कि कनाडा इस नाम को स्वीकार नहीं करेगा और वहां यह झील लेक ओंटारियो ही कहलाती रहेगी. यानी अमेरिका अपने सरकारी दस्तावेजों में नया नाम इस्तेमाल करेगा, जबकि कनाडा पुराने नाम पर कायम रहेगा. साझा झील के लिए दो अलग-अलग नामों का यह मामला दोनों देशों के बीच जारी तनाव में एक नया अध्याय जोड़ता दिख रहा है. यह झील दोनों देशों के बॉर्डर पर है.
ट्रंप ने क्यों बदला नाम?
ट्रंप ने अपने एक्जीक्यूटिव ऑर्डर में झील के आर्थिक और रणनीतिक महत्व को नाम बदलने की वजह बताया है. उनके मुताबिक ग्रेट लेक्स क्षेत्र में अमेरिका सुरक्षा, शिपिंग और पर्यावरण संरक्षण पर बड़ा निवेश करता है. ट्रंप ने दावा किया कि ग्रेट लेक्स में चलने वाले 11 आइस-ब्रेकिंग जहाजों में से 9 अमेरिकी कोस्ट गार्ड संचालित करता है. उनका कहना है कि इन जहाजों के जरिए व्यापारिक जहाजों के रास्ते खुले रखने में मदद मिलती है. अमेरिकी पक्ष के मुताबिक पिछले 10 वर्षों में ग्रेट लेक्स के मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा पर करीब 4 अरब डॉलर खर्च किए गए हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि लेक ओंटारियो अमेरिका के व्यापार, रक्षा और इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है. झील के आसपास के बंदरगाहों और 1812 के युद्ध से जुड़े इलाकों का भी आदेश में जिक्र किया गया है.
30 दिन में बदलना होगा सरकारी रिकॉर्ड
ट्रंप के आदेश के मुताबिक अमेरिकी आंतरिक मामलों के मंत्री को फेडरल बोर्ड ऑन ज्योग्राफिक नेम्स के साथ मिलकर नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद अमेरिकी संघीय एजेंसियों को नक्शों, सरकारी दस्तावेजों, अनुबंधों और आधिकारिक संचार में ‘लेक अमेरिका’ नाम इस्तेमाल करना होगा. लेकिन यहां एक बड़ा पेंच है. अमेरिका का यह आदेश सिर्फ उसकी संघीय सरकार पर लागू होगा. कनाडा, ओंटारियो प्रांत, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं या निजी मैप कंपनियों को नया नाम अपनाने के लिए बाध्य नहीं किया गया है.
झील का हिस्सा कनाडा में भी
लेक ओंटारियो सिर्फ अमेरिका की झील नहीं है. इसका करीब 52 फीसदी सतही क्षेत्र कनाडा में है, जबकि बाकी हिस्सा अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य में आता है. यही वजह है कि नाम बदलने का फैसला कनाडा के लिए सीधे तौर पर भी अहम है.
कार्नी ने ट्रंप को दिया सीधा जवाब
ट्रंप के आदेश के बाद कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि उनके देश के लोग इसे लेक ओंटारियो ही कहते रहेंगे. कार्नी ने नाम के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि ‘ओंटारियो’ नाम वेंडैट भाषा के शब्द ‘Ontari’io’ से आया है. इसका मतलब ‘झील सुंदर है, झील बड़ी है’ बताया जाता है. उन्होंने कहा कि यह नाम 400 साल से ज्यादा पुराना है और कनाडा के अस्तित्व में आने तथा अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा से भी पहले से इस्तेमाल होता रहा है. कार्नी ने कहा कि अमेरिका बदल रहा है और उसके व्यापारिक रिश्ते, विदेश नीति, राष्ट्रीय स्मारक और भौगोलिक नाम भी बदल रहे हैं. लेकिन कनाडा के लिए इस झील का नाम ‘लेक ओंटारियो’ ही रहेगा.
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Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…
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