Last Updated:
गर्मी और उमस के बढ़ते असर से त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. जिला एमएमजी अस्पताल में घमौरी के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है, जिसमें छोटे बच्चों से लेकर बड़े लोग तक शामिल हैं. डॉक्टरों के अनुसार, अधिक पसीना आने और पसीने की ग्रंथियां बंद हो जाने से त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने उभर आते हैं, जो समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण और पस का रूप ले सकते हैं.
गाजियाबाद. गर्मियों की बढ़ती तपिश और उमस अब लोगों की त्वचा पर भी असर दिखाने लगी है, जिला एमएमजी अस्पताल में इन दिनों घमौरी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. छोटे बच्चों से लेकर बड़े तक इस समस्या से परेशान होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी और ज्यादा पसीना आने के कारण त्वचा की पसीने वाली ग्रंथियां बंद हो जाती हैं, जिससे पसीना बाहर नहीं निकल पाता और त्वचा के अंदर ही फंस जाता है. यही स्थिति आगे चलकर घमौरी का रूप ले लेती है. शुरुआत में छोटे-छोटे दाने दिखाई देते हैं, लेकिन लापरवाही करने पर इनमें लालपन, जलन और पस तक पड़ सकती है.
जिला एमएमजी अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या द्विवेदी ने बताया कि मई की शुरुआत के साथ ही तापमान लगातार बढ़ रहा है. गर्मी के कारण शरीर से अधिक पसीना निकलता है. कई बार पसीने वाली ग्रंथियां बंद हो जाती हैं जिससे पसीना त्वचा के अंदर जमा हो जाता है और छोटे-छोटे लाल दाने बनने लगते हैं. इन दानों में पानी जैसा पदार्थ भी भरा दिखाई देता है, उन्होंने बताया कि घमौरी तीन चरणों में बढ़ती है. शुरुआत में हल्के दाने निकलते हैं फिर उनमें लालपन आता है और समय पर इलाज न मिलने पर उनमें संक्रमण होकर पस भी पड़ सकता है.
अधिक पसीना आने पर शरीर को रखें साफ
डॉक्टरों के अनुसार घमौरी से बचने के लिए शरीर को ठंडा और सूखा रखना बेहद जरूरी है. कोशिश करनी चाहिए कि ज्यादा देर तक धूप और गर्मी में न रहें, घर से बाहर निकलने पर ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि हवा शरीर तक पहुंच सके. टाइट कपड़े, लेगिंग और ज्यादा फिटिंग वाले कपड़े गर्मियों में परेशानी बढ़ा सकते हैं. अधिक पसीना आने पर समय-समय पर शरीर को साफ करना चाहिए और दिन में कम से कम दो बार ठंडे पानी से नहाना फायदेमंद रहता है. डॉ. दिव्या द्विवेदी ने बताया कि छोटे बच्चों में भी घमौरी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में माता-पिता को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, कई लोग बच्चों के शरीर पर ज्यादा मात्रा में पाउडर लगा देते हैं लेकिन यह नुकसानदायक हो सकता है. पाउडर पसीने वाली ग्रंथियों को और बंद कर देता है जिससे समस्या बढ़ जाती है. इसकी जगह ठंडे या गीले सूती कपड़े से शरीर को साफ करना बेहतर होता है. डॉक्टरों ने लोगों को गर्मियों में ज्यादा पानी पीने, तरल पदार्थ लेने और मौसमी फलों का सेवन करने की सलाह दी है. साथ ही यदि घमौरी में ज्यादा लालपन, जलन या पस दिखाई दे तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है.
About the Author
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें





