tourist places near delhi ncr | must visit places in meerut | दिल्ली नोएडा के पास पिकनिक स्पॉट |


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Best Places to Visit in Meerut: अगर आप इस चिलचिलाती गर्मी में परिवार के साथ किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां इतिहास की कहानियां भी हों और पिकनिक का भरपूर रोमांच भी, तो मेरठ आपके लिए सबसे बेस्ट है. दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के बेहद करीब बसा यह शहर न केवल प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का गवाह है, बल्कि हस्तिनापुर के जरिए महाभारत काल की यादें भी ताजा कर देता है. जम्मूद्वीप में बच्चों के लिए नाव और ट्रेन की सफारी है, तो सरधना में ताजमहल जैसी नक्काशी वाला भव्य चर्च भी है. सबसे अच्छी बात यह है कि ‘नमो भारत’ ट्रेन के जरिए आप एक ही दिन में इन सभी शानदार पर्यटन केंद्रों की सैर कर सकते हैं. आइए जानते हैं मेरठ के उन पर्यटन स्थलों के बारे में, जहां घूमना आपके वेकेशन को यादगार बना देगा.

अगर आप भी छुट्टियों में अपने परिवार के साथ घूमने का प्लान बना रहे हैं. इसके साथ ही किसी ऐसे स्थान की तलाश कर रहे हैं जहां गर्मी के बीच भी आप प्राकृतिक वातावरण में आनंदित होते हुए पिकनिक को बेहतर बना सके. तो आपके लिए ऐतिहासिक नगरी क्रांति धरा मेरठ काफी अच्छा साबित हो सकता है. जहां युवा विभिन्न ऐतिहासिक पहलुओं के साथ ही महाभारत कालीन पहलुओं से रूबरू हो सकते हैं.

मेरठ शहर की अगर बात की जाए तो भैसाली मेट्रो स्टेशन के नजदीक ही राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय बना हुआ है. जहां प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के आगाज से लेकर देश की आजाद होने तक की प्रत्येक घटनाओं के बारे में आप जानकारी हासिल कर सकते हैं. यहां विभिन्न गैलरी में सभी इतिहास को डिस्प्ले बोर्ड, फ्लेक्स एवं एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी प्रदर्शित किया गया है. यहां अमर जवान ज्योति भी प्रज्वलित है. साथ ही अशोक स्तंभ भी बना हुआ है.

मेरठ शहर में भैसाली मेट्रो स्टेशन के पास ही यह म्यूजियम बना हुआ है. यहां 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के आगाज से लेकर देश के आजाद होने तक की हर घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है. म्यूजियम की विभिन्न गैलरी में इतिहास को डिस्प्ले बोर्ड, फ्लेक्स और एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है. इसके अलावा यहां प्रज्वलित ‘अमर जवान ज्योति’ और भव्य अशोक स्तंभ मुख्य आकर्षण के केंद्र हैं.

इसी कड़ी में अगर आप जब मेरठ के हस्तिनापुर जाएंगे. तो वहां पर जैन समाज द्वारा जम्मूद्वीप विकसित किया गया है. जहां आप अपने बच्चों के साथ घंटों तक घूमते हुए पिकनिक को भरपूर रूप से एंजॉय कर सकते हैं. यहां पर बच्चों के लिए खास तौर पर झूले वाली नाव, ट्रेन की सफारी, हंसी की लोटपोट ट्रेन के साथ ही नाव की सवारी करने का भी अवसर मिल पाता है.

मेरठ के हस्तिनापुर में जैन समाज द्वारा विकसित जम्मूद्वीप एक शानदार पिकनिक स्पॉट है. यहां आप अपने बच्चों के साथ घंटों तक मस्ती कर सकते हैं. यहां बच्चों के लिए खास तौर पर झूले वाली नाव, सफारी ट्रेन और हंसी की लोटपोट ट्रेन के साथ-साथ बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है.

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जम्मू द्वीप में एक सुमेरु पर्वत भी बनाया गया है. जिसमें आप अपने परिवार के साथ गोल आकार में घूमते हुए कब 40 फीट की ऊंचाई तक पहुंच जाएंगे. इसका अंदाजा भी आपको नहीं लगेगा. यही कारण है कि लोग यहां काफी घूमते हैं. हालांकि सुमेरु पर्वत के लिए दोपहर 12:00 बजे तक की ही प्रवेश की अनुमति है.

इसके साथ ही जम्बूदीप में बना ‘सुमेरु पर्वत’ बहुत अद्भुत है, जिस पर गोल आकार में घूमते हुए आप कब 40 फीट की ऊंचाई पर पहुंच जाएंगे, आपको पता भी नहीं चलेगा. ध्यान रहे कि सुमेरु पर्वत पर जाने के लिए दोपहर 12:00 बजे तक ही अनुमति मिलती है. इसके बाद आप यहां नहीं जा सकते.

हस्तिनापुर को महाभारत कालीन धरती के तौर पर भी जाना जाता है. ऐसे में यहां आज भी विभिन्न प्रकार के ऐतिहासिक मंदिर बने हुए हैं. जहां लोग देश भर से दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. वही हस्तिनापुर में पांडव टीला भी बना हुआ है. जिसके बारे में कहा जाता है कि कभी यहां महाभारत काल में महल हुआ करते थे. हालांकि आज हस्तिनापुर सबसे ऊंचा स्थान बना हुआ है. पुरातत्व विभाग द्वारा देश को काफी बेहतर तरीके से विकसित कर दिया गया है.

हस्तिनापुर को महाभारत काल की धरती माना जाता है, इसलिए यहां आज भी कई ऐतिहासिक मंदिर बने हुए हैं जहां देश भर से लोग दर्शन करने आते हैं. यहां स्थित ‘पांडव टीला’ के बारे में कहा जाता है कि कभी यहां पांडवों के महल हुआ करते थे. आज यह हस्तिनापुर का सबसे ऊंचा स्थान है. पुरातत्व विभाग ने इस पूरे क्षेत्र को बहुत ही बेहतर तरीके से विकसित किया है ताकि लोग इतिहास को महसूस कर सकें.

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पर्यटन की दृष्टि से लोग यहां खुदाई वाले स्थानों को देखने के लिए बड़ी संख्या में आते हैं. पुरातत्व विभाग द्वारा समय-समय पर यहां खुदाई की जाती है जिससे प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिलते हैं. यहां के ऊंचे-ऊंचे टीलों पर लोग सेल्फी लेते हुए और फोटोग्राफी करते हुए नजर आते हैं. चारों तरफ फैले प्राकृतिक पेड़-पौधों के बीच यहां का नजारा बहुत ही भव्य और सुकून देने वाला होता है.

मेरठ से ही 30 किलोमीटर दूर ऐतिहासिक सरधना कैथोलिक चर्च भी पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. क्योंकि ताजमहल की तर्ज पर इसे बनाया गया है. यह संगमरमर और वास्तु का अद्भुत संगम मानी जाती है. यहां घूमने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी हर साल बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. ऐसे में आप सुबह ऐसे में आप दोपहर 12:00 बजे शाम 4:00 बजे के बाद ऐतिहासिक सरधना की चर्च में भी घूम सकते हैं. इसका निर्माण 200 साल पहले बेगम समरू उर्फ फर्जाना द्वारा कराया गया था.

मेरठ से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित सरधना चर्च पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. इसे ताजमहल की तर्ज पर बनाया गया है, जो संगमरमर और बेहतरीन वास्तुकला का अद्भुत संगम है. यहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक हर साल पहुंचते हैं. इसका निर्माण 200 साल पहले बेगम समरू (फर्जाना) ने कराया था. आप यहां दोपहर 12:00 बजे या शाम 4:00 बजे के बाद आराम से घूम सकते हैं.

मेरठ का किला परीक्षितगढ़ भी काफी महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है. यहां पर विभिन्न प्रकार के ऐसे ऐतिहासिक मंदिर बने हुए हैं. जहां आप दर्शन कर सकते हैं. वहीं घूमने की दृष्टि की अगर बात की जाए तो यहां विभिन्न गांवों को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया गया है. यहां के सिकंदरपुर अगर आप जाएंगे. यहां घर में आपको फल और सब्जियां देखने को मिलेगी. इसके लिए अब यहां पर एक विशेष स्टॉल भी विकसित की जा रही है. इसी के साथ ही इस स्थान को कलयुग का गवाह भी माना जाता है. ऐसे में आप श्री श्रृंगी ऋषि आश्रम का भी विजिट कर सकते हैं.

किला परीक्षितगढ़ और सिकंदरपुर- मेरठ का परीक्षितगढ़ भी ऐतिहासिक रूप से बहुत खास है. यहां कई प्राचीन मंदिर हैं जिनके आप दर्शन कर सकते हैं. साथ ही, यहां के गांवों को ‘आदर्श मॉडल’ के रूप में विकसित किया गया है. जैसे सिकंदरपुर गांव में आपको हर घर में फल और सब्जियां देखने को मिलेंगी, जिसके लिए अब विशेष स्टॉल भी बनाए जा रहे हैं. इस स्थान को ‘कलियुग का गवाह’ माना जाता है, जहां आप श्री श्रृंगी ऋषि आश्रम का भी दौरा कर सकते हैं.

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ये सभी स्थान ऐसे हैं जहां आप अपने परिवार के साथ सुबह जाकर शाम तक वापस लौट सकते हैं. अगर आप दिल्ली, गाजियाबाद या नोएडा से आ रहे हैं, तो ‘नमो भारत’ ट्रेन का आनंद लेते हुए आप एक ही दिन में इन सभी पर्यटन केंद्रों को देख सकते हैं. यह ट्रेन सफर को न केवल आसान बनाती है बल्कि आपकी यात्रा को आधुनिक और आरामदायक भी बना देती है.



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