Last Updated:
अडल्ट फिल्म इंडस्ट्री की सबसे मशहूर स्टार्स में से एक एमिली विलिस की जिंदगी एक VIP रिहैब सेंटर की लापरवाही की वजह से नरक बन चुकी है. महज 27 साल की ये खूबसूरत एक्ट्रेस साल 2024 में केटामाइन ड्रग्स की लत छुड़ाने मालिबू के ‘समिट मालिबू’ सेंटर गई थीं, जहां उनका पूरा शरीर हमेशा के लिए पैरालाइज्ड होकर ‘फ्रीज’ हो गया. करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाली यह स्टार अब एक जिंदा लाश बनकर रह गई हैं.
एडल्ट फिल्म इंडस्ट्री की सबसे मशहूर स्टार्स में से एक एमिली विलिस, जिनका असली नाम लिट्जी लारा बानुएलोस है, उनकी जिंदगी एक झटके में नर्क बन गई है. महज 27 साल की ये स्टार केटामाइन ड्रग्स की लत से छुटकारा पाने के लिए रिहैब सेंटर गई थी, लेकिन वहां कुछ ऐसा खौफनाक हुआ कि वो हमेशा के लिए एक जिंदा लाश बनकर रह गई हैं.
ये घटना साल 2024 की है, जब एमिली को इलाज के लिए मालिबू के बेहद महंगे और वीआईपी ‘समिट मालिबू’ रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया था. वहां अचानक उनकी तबीयत इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि उनके दिमाग तक ऑक्सीजन पहुंचना ही बंद हो गया, जिसे मेडिकल की भाषा में ‘एनोक्सिक ब्रेन इंजरी’ कहते हैं.
इस भयानक हादसे का असर ये हुआ कि एमिली के दिमाग को कभी न ठीक होने वाला नुकसान पहुंचा और उनका पूरा शरीर हमेशा के लिए ‘फ्रीज’ यानी पैरालाइज्ड हो गया. उनके वकील के मुताबिक, एमिली अब पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हैं, वो कभी-कभार सिर्फ अपनी आंखें खोलती हैं या मुंह से कुछ आवाजें निकालती हैं, लेकिन आसपास के लोगों को कोई रिस्पॉन्स नहीं दे पातीं.
Add News18 as
Preferred Source on Google
इस दर्दनाक हादसे के बाद एमिली की मां ने रिहैब सेंटर के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज कराया था, जिस पर अब लॉस एंजिल्स की अदालत ने मुहर लगा दी है. कोर्ट ने एमिली के परिवार के हक में 3 मिलियन डॉलर यानी करीब 25 करोड़ रुपये के मुआवजे का बड़ा फैसला सुनाया है, क्योंकि एमिली अब अपना कोई भी काम खुद करने के लायक नहीं बची हैं.
एमिली की मां येसेनिया लारा कूपर ने रिहैब सेंटर पर बेहद संगीन और चौंकाने वाले आरोप लगाए थे. कोर्ट के पेपर्स के मुताबिक, मां का कहना था कि रिहैब सेंटर के स्टाफ ने एमिली की हालत बिगड़ने पर भयंकर लापरवाही बरती, उसे समय पर सही इलाज नहीं दिया और एक तरह से मरने के लिए बेसहारा छोड़ दिया, जिसकी वजह से उनकी बेटी की ये हालत हुई.
दूसरी तरफ, बदनाम हो चुके ‘समिट मालिबू’ रिहैब सेंटर ने कोर्ट में अपनी सफाई देते हुए किसी भी तरह की लापरवाही से साफ इनकार कर दिया. सेंटर का कहना था कि एमिली जब वहां आई थीं, तब भी उनकी हालत बहुत नाजुक थी; उन्होंने स्टाफ की मेडिकल सलाह मानने से मना कर दिया था, दवाइयां नहीं ली थीं और अस्पताल जाने की बात भी ठुकरा दी थी.
एमिली के वकील जेम्स ए मॉरिस जूनियर ने अदालत में माना कि ये केस इतना आसान नहीं था, क्योंकि 2 साल की जांच के बाद भी कोई पक्के तौर पर नहीं जानता कि उस रात रिहैब सेंटर के अंदर असल में क्या हुआ था. लेकिन एमिली की हालत इतनी भयावह थी कि उनके इलाज और आगे की जिंदगी के लिए यह भारी-भरकम मुआवजा मिलना बहुत जरूरी था.
एमिली विलिस एडल्ट फिल्म इंडस्ट्री का कितना बड़ा नाम थीं, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि साल 2019 में उन्हें ‘पेंटहाउस पेट ऑफ द मंथ’ चुना गया था और 2021 में उन्होंने ‘फीमेल परफॉर्मर ऑफ द ईयर’ का सबसे बड़ा अवॉर्ड जीता था. करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाली इस खूबसूरत स्टार का अंत इतना दर्दनाक होगा, ये किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था.




