FMGE Exempted Countries List: अमेरिका-ब्रिटेन समेत इन 5 देशों से करें MBBS, भारत आकर नहीं देनी होगी FMGE परीक्षा


नई दिल्ली (FMGE Exempted Countries). हर साल भारत के हजारों स्टूडेंट्स डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए विदेश का रुख करते हैं. रूस, कजाकिस्तान या उज्बेकिस्तान जैसे देशों से पढ़ाई करके लौटने वाले भारतीय स्टूडेंट्स को देश में डॉक्टरी का लाइसेंस पाने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन की FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) स्क्रीनिंग परीक्षा देनी होती है. इस परीक्षा का पास प्रतिशत काफी कम रहता है, जिससे कई स्टूडेंट्स की डिग्री बर्बाद हो जाती है.

बहुत कम लोग जानते हैं कि दुनिया में 5 ऐसे प्रमुख देश भी हैं, जहां से एमबीबीएस करने पर भारत लौटकर FMGE परीक्षा नहीं देनी पड़ती! नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के नियमों के अनुसार, अगर आप इन 5 अंग्रेजी भाषी देशों से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करते हैं और वहां प्रैक्टिस का लाइसेंस हासिल कर लेते हैं तो भारत में सीधे मेडिकल रजिस्ट्रेशन का अधिकार मिल जाता है. जानिए उन 5 देशों के बारे में और इनके लिए क्या नियम बनाए गए हैं.

विदेश से पढ़ाई के बाद मुश्किल है भारत में डॉक्टरी

हर साल बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स विदेश जाकर एमबीबीएस की पढ़ाई करते हैं. वहां से डिग्री लेने के बाद भारत में डॉक्टरी की प्रैक्टिस कर पाना आसान नहीं है. इसके लिए एफएमजीई परीक्षा पास करना अनिवार्य है. यह परीक्षा बेहद कठिन है. इसका पास प्रतिशत बहुत कम है. जानिए 5 ऐसे देश, जहां से एमबीबीएस करके भारत में प्रैक्टिस करने के लिए एफएमजीई नहीं देनी होगी.

1. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) – MD डिग्री और USMLE का रास्ता

अमेरिका में MBBS को MD (Doctor of Medicine) कहा जाता है. यहां की मेडिकल शिक्षा को दुनिया में सबसे उच्च स्तर का माना जाता है. अगर आप अमेरिका से MD करते हैं और उनके USMLE (United States Medical Licensing Examination) के सभी स्टेप्स पास करके वहां का मेडिकल लाइसेंस हासिल कर लेते हैं तो भारत लौटने पर FMGE देने की जरूरत नहीं होती.

2. यूनाइटेड किंगडम- NHS का अनुभव और PLAB

ब्रिटेन (UK) की मेडिकल डिग्रियां भारत में बेहद सम्मान की नजरों से देखी जाती हैं. UK के हॉस्पिटल में छात्रों को पहले दिन से ही बेहतरीन क्लिनिकल ट्रेनिंग मिलती है. अगर आपने UK से MBBS किया है और वहां की PLAB (Professional and Linguistic Assessments Board) परीक्षा पास करके GMC (General Medical Council) में रजिस्ट्रेशन करा लिया है तो आप भारत में बिना FMGE के डॉक्टरी कर सकते हैं.

3. ऑस्ट्रेलिया- AMC लाइसेंस और वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर

ऑस्ट्रेलियाई मेडिकल यूनिवर्सिटीज अपनी रिसर्च और बेहतरीन पढ़ाई के लिए जानी जाती हैं. ऑस्ट्रेलिया से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्टूडेंट्स को AMC (Australian Medical Council) की परीक्षा पास करके वहां का लाइसेंस पाना होता है. जैसे ही आपके पास ऑस्ट्रेलिया का मेडिकल लाइसेंस आ जाता है, भारत का NMC आपको यहां प्रैक्टिस करने की सीधी अनुमति दे देता है.

4. कनाडा- MCCQE परीक्षा से डायरेक्ट लाइसेंस

कनाडा में भी मेडिकल शिक्षा का स्तर बहुत सख्त और मजबूत है. यहां से मेडिकल की डिग्री लेने वाले छात्रों को MCCQE (Medical Council of Canada Qualifying Examination) पास करनी होती है. कनाडा में बतौर लाइसेंस्ड डॉक्टर काम करने की पात्रता मिलते ही आप भारत में बिना किसी FMGE परीक्षा के अपना क्लिनिक खोल सकते हैं या हॉस्पिटल में काम कर सकते हैं.

5. न्यूजीलैंड- NZREX और शांतिपूर्ण माहौल

न्यूजीलैंड अपनी शांत लाइफस्टाइल और ग्लोबल लेवल की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मशहूर है. यहां की मेडिकल यूनिवर्सिटीज से पढ़ाई करने के बाद स्टूडेंट्स को NZREX (New Zealand Registration Examination) के जरिए वहां का लाइसेंस मिलता है. इस लाइसेंस के आधार पर भारत में FMGE से पूरी तरह छूट मिल जाती है.

सबसे जरूरी बात: याद रखें NMC की यह शर्त

बिना FMGE के भारत में प्रैक्टिस करने की छूट केवल देश के नाम पर नहीं मिलती. NMC का साफ नियम है कि इन 5 देशों से डिग्री लेने के साथ-साथ वहां का आधिकारिक मेडिकल लाइसेंस (Medical Practice License) भी हासिल करना होगा. अगर आपने पढ़ाई तो यहां से की लेकिन वहां का लाइसेंस नहीं लिया तो भारत लौटने पर आपको भी परीक्षा देनी पड़ सकती है.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img