Agency:एजेंसियां
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दक्षिण कोरिया के अनुसार चीन और रूस के करीब 10 सैन्य विमान उसके एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (KADIZ) में दाखिल हुए और कुछ देर बाद लौट गए. हालांकि किसी विमान ने दक्षिण कोरिया की वास्तविक हवाई सीमा का उल्लंघन नहीं किया. सेना ने एहतियात के तौर पर फाइटर जेट तैनात किए.
सोल: पूर्वी एशिया में चीन और रूस की बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है. दक्षिण कोरिया ने दावा किया है कि चीन और रूस के करीब 10 सैन्य विमान उसके कोरिया एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (KADIZ) में दाखिल हुए. हालांकि ये विमान दक्षिण कोरिया की वास्तविक संप्रभु हवाई सीमा में नहीं घुसे, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सोल ने तुरंत अपने लड़ाकू विमान तैनात कर दिए. दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के मुताबिक, चीनी और रूसी सैन्य विमान क्रमवार तरीके से देश के पूर्वी और दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों के ऊपर स्थित एयर डिफेंस जोन में दाखिल हुए और कुछ समय बाद वहां से निकल गए.
बॉम्बर और फाइटर जेट भी थे शामिल
सेना के अनुसार, इस अभियान में दोनों देशों के बमवर्षक (Bombers) और लड़ाकू विमान (Fighter Jets) शामिल थे. दक्षिण कोरियाई सेना ने विमानों की गतिविधि पहले ही भांप ली थी और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए वायुसेना के फाइटर जेट्स को अलर्ट पर भेज दिया. हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी विमान ने दक्षिण कोरिया के वास्तविक हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया.
क्या होता है KADIZ?
कोरिया एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (KADIZ) कोई संप्रभु हवाई क्षेत्र नहीं है. यह एक सुरक्षा क्षेत्र होता है, जहां प्रवेश करने वाले विदेशी विमानों से पहले अपनी पहचान बताने की अपेक्षा की जाती है ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या सैन्य टकराव से बचा जा सके.
पहले भी कई बार हो चुकी है ऐसी घटना
दक्षिण कोरियाई सेना का मानना है कि यह घटना चीन और रूस के संयुक्त हवाई सैन्य अभ्यास के दौरान हुई है. दोनों देशों के सैन्य विमान इसी अभ्यास के तहत KADIZ में पहुंचे और कुछ समय बाद वापस लौट गए. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब चीन और रूस के सैन्य विमान दक्षिण कोरिया के एयर डिफेंस जोन में दाखिल हुए हों. दिसंबर 2025 में भी दोनों देशों के नौ सैन्य विमान KADIZ में घुसे थे. उस समय दो चीनी और सात रूसी विमान दक्षिण कोरिया के पूर्वी और दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों के ऊपर कुछ देर तक मौजूद रहे थे. घटना के बाद सोल ने चीन और रूस के रक्षा अधिकारियों के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया था.
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Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…और पढ़ें




