saanp| saanp dasne ke lakshan| snake bite symptoms| सांप ने डसा है ये कैसे पता चलेगा, कोबरा, करैत, वाइपर के जहर के लक्षण क्या होते हैं? ऐसे पहचानें


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Cobra-krait-viper snake bite symptoms: कई बार सांप काट लेता है लेक‍िन पीड़ि‍त को पता नहीं चलता क‍ि जहरीले सांप ने काटा है, क‍िसी अन्‍य कीड़े ने काटा है या गैर-जहरीले सांप ने काटा है. ऐसे में सांप के काटने के बाद शरीर में द‍िखाई देने वाले लक्षण बहुत महत्‍वपूर्ण होते हैं, ताक‍ि यह पता चल सके क‍ि कोबरा, करैत या अन्‍य क‍िस सांप ने डसा है. आइए जानते हैं यहां सांप के काटने पर शरीर द‍िखने वाले अलग-अलग लक्षणों के बारे में..

सांप के काटने की घटना इतनी जल्दी में होती है कि कई बार पीड़ित को पता ही नहीं चल पाता है कि उसे सांप ने काटा है. हालांकि अगर जहरीले सांप ने काटा है तो कुछ ही मिनटों के बाद उसका असर दिखाई देने लगता है और उसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं. आज हम आपको बताते हैं कि जहरीले सांप कोबरा, करैत, वाइपर आदि के काटने पर कौन से लक्षण दिखाई देते हैं और कैसे पहचानें…

सांप के काटने पर सबसे पहले घाव को ध्यान से देखें. जहरीले सांप के काटने में अक्सर दो गहरे फंग मार्क्स (दांत के निशान) दिखते हैं. जबकि गैर-जहरीले सांप के काटने में छोटे-छोटे कई दांतों के निशान U आकार में होते हैं. लिहाजा दो गहरे गोल बिंदी जैसे निशानों पर गौर करें. साथ ही अगर घाव में तेज दर्द, सूजन या खून निकल रहा है तो समझ लें कि जहरीले सांप ने काटा है.

सांप के काटने पर सबसे पहले घाव को ध्यान से देखें. जहरीले सांप के काटने में अक्सर दो गहरे फंग मार्क्स (दांत के निशान) दिखते हैं. जबकि गैर-जहरीले सांप के काटने में छोटे-छोटे कई दांतों के निशान U आकार में होते हैं. लिहाजा दो गहरे गोल बिंदी जैसे निशानों पर गौर करें. साथ ही अगर घाव में तेज दर्द, सूजन या खून निकल रहा है तो समझ लें कि जहरीले सांप ने काटा है.

जहरीले और गैर-जहरीले सांप को काटने के बाद दिखाई देने वाले लक्षणों से पहचाना जा सकता है. गैर-जहरीले सर्प के काटने में हल्का दर्द और बहुत कम सूजन होती है और मरीज को कोई खास फर्क नहीं पड़ता जबकि जहरीले सांप के काटने में उस विशेष जगह या पूरे शरीर पर गंभीर लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं.

जहरीले और गैर-जहरीले सांप को काटने के बाद दिखाई देने वाले लक्षणों से पहचाना जा सकता है. गैर-जहरीले सर्प के काटने में हल्का दर्द और बहुत कम सूजन होती है और मरीज को कोई खास फर्क नहीं पड़ता जबकि जहरीले सांप के काटने में उस विशेष जगह या पूरे शरीर पर गंभीर लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं.

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कोबरा सांप का काटना न्यूरोटॉक्सिक होता है. इसकी वजह से कुछ ही देर में काटने की जगह पर तेज दर्द, सूजन और फफोले (blisters) बन सकते हैं. कुछ घंटों में मकी रीज आंखों की पलकें झुकने लगती हैं. दोहरी दृष्टि हो जाती है और एक के दो लोग दिखाई देते हैं. बोलने में दिक्कत शुरू हो जाती है. सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर सांस की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं.

कोबरा सांप का काटना न्यूरोटॉक्सिक होता है. इसकी वजह से कुछ ही देर में काटने की जगह पर तेज दर्द, सूजन और फफोले (blisters) बन सकते हैं. कुछ घंटों में मकी रीज आंखों की पलकें झुकने लगती हैं. दोहरी दृष्टि हो जाती है और एक के दो लोग दिखाई देते हैं. बोलने में दिक्कत शुरू हो जाती है. सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर सांस की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं.

वहीं अगर करैत (Common Krait) सांप काटता है तो अक्सर बिना दर्द और सूजन के होता है. इस सांप के काटने पर निशान भी हल्का होता है या कई बार दिखाई नहीं देता, लेकिन यह भी जहरीला सांप है. अक्सर इसके रात में सोते समय काटने की संभावना ज्यादा होती है. इसके काटने के 6 से 24 घंटे बाद नींद जैसी सुस्ती आती है, पलकें झुकने लगती हैं, मुंह से लार टपकती है और शरीर में कमजोरी आती है.

वहीं अगर करैत (Common Krait) सांप काटता है तो अक्सर बिना दर्द और सूजन के होता है. इस सांप के काटने पर निशान भी हल्का होता है या कई बार दिखाई नहीं देता, लेकिन यह भी जहरीला सांप है. अक्सर इसके रात में सोते समय काटने की संभावना ज्यादा होती है. इसके काटने के 6 से 24 घंटे बाद नींद जैसी सुस्ती आती है, पलकें झुकने लगती हैं, मुंह से लार टपकती है और शरीर में कमजोरी आती है.

वाइपर (Russell’s Viper या Saw-scaled Viper) का काटना मुख्य रूप से वैस्कुलोटॉक्सिक या हीमोटॉक्सिक होता है. ये सांप जहां काटता है वहां पर तेज दर्द, सूजन, खून बहना और नीले निशान (ecchymosis) बनते जाते हैं. शरीर से खून निकलना, अगर जहर शरीर में पहुंच रहा है तो मसूड़ों से खून आने लगता है. इसका जहर सबसे खराब होता है और जानलेवा होता है. इसके काटने के 20 मिनट तक ब्लड क्लॉटिंग टेस्ट फेल होना आम लक्षण हैं.

वाइपर (Russell’s Viper या Saw-scaled Viper) का काटना मुख्य रूप से वैस्कुलोटॉक्सिक या हीमोटॉक्सिक होता है. ये सांप जहां काटता है वहां पर तेज दर्द, सूजन, खून बहना और नीले निशान (ecchymosis) बनते जाते हैं. शरीर से खून निकलना, अगर जहर शरीर में पहुंच रहा है तो मसूड़ों से खून आने लगता है. इसका जहर सबसे खराब होता है और जानलेवा होता है. इसके काटने के 20 मिनट तक ब्लड क्लॉटिंग टेस्ट फेल होना आम लक्षण हैं.

वाइपर के काटने में सूजन बहुत तेजी से बढ़ती है और घाव में ब्लिस्टरिंग या टिश्यू की मृत्यु (necrosis) हो सकती है. इस सांप के काटने के बाद कुछ मामलों में किडनी फेलियर और शॉक भी आ सकता है. करैत और कोबरा की तरह इसमें नींद या पलक झुकने जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण कम होते हैं, लेकिन खून संबंधी समस्या ज्यादा और गंभीर होती है.

वाइपर के काटने में सूजन बहुत तेजी से बढ़ती है और घाव में ब्लिस्टरिंग या टिश्यू की मृत्यु (necrosis) हो सकती है. इस सांप के काटने के बाद कुछ मामलों में किडनी फेलियर और शॉक भी आ सकता है. करैत और कोबरा की तरह इसमें नींद या पलक झुकने जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण कम होते हैं, लेकिन खून संबंधी समस्या ज्यादा और गंभीर होती है.

सभी जहरीले सांपों के काटने में सामान्य लक्षणों में पलकें झुकना (ptosis), बोलने-निगलने में दिक्कत, सांस फूलना और शरीर की कमजोरी शामिल हैं लेकिन वाइपर में सूजन और खून बहना प्रमुख है, जबकि कोबरा-करैत में न्यूरोपैरालिसिस (लकवा) ज्यादा दिखता है. आमतौर पर जहरीले सांपों के काटने के बाद 30 मिनट से 6 घंटे में लक्षण शुरू हो सकते हैं.

सभी जहरीले सांपों के काटने में सामान्य लक्षणों में पलकें झुकना (ptosis), बोलने-निगलने में दिक्कत, सांस फूलना और शरीर की कमजोरी शामिल हैं लेकिन वाइपर में सूजन और खून बहना प्रमुख है, जबकि कोबरा-करैत में न्यूरोपैरालिसिस (लकवा) ज्यादा दिखता है. आमतौर पर जहरीले सांपों के काटने के बाद 30 मिनट से 6 घंटे में लक्षण शुरू हो सकते हैं.



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