विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही इजराइल और अमेरिका ने ईरान और उसके सहयोगियों को सैन्य रूप से कमजोर किया हो, लेकिन इन पक्षों के लिए केवल अस्तित्व बनाए रखना भी एक तरह की जीत है। इससे भविष्य में और अधिक कठोर नेतृत्व उभर सकता है और संघर्ष और तेज हो सकता है।
कुल मिलाकर, नेतन्याहू की रणनीति उन्हें अल्पकालिक राजनीतिक लाभ दे सकती है, लेकिन इससे इजराइल की दीर्घकालिक सुरक्षा स्थिति अधिक जटिल और जोखिमपूर्ण होती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल के समर्थन में गिरावट आना भी उसके लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।





