मोल्दोवा के PM का इस्तीफा, उधर ईरान में अयातुल्ला खामेनेई के ऐतिहासिक अंतिम संस्कार की तैयारी


ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी जारी

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कई दिन तक चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम की शुक्रवार को जारी तैयारियों के बीच तेहरान में बैनर लगाकर लोगों से उस विनाशकारी युद्ध के बाद इस्लामी गणराज्य के समर्थन में खड़े होने का आह्वान किया गया जिसमें 86 वर्षीय खामेनेई की मौत हो गई थी।

ईरान सरकार का आकलन है कि शनिवार से राजधानी की सड़कों पर लाखों लोग उतरेंगे। यह दृश्य 1989 में दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रूहुल्ला खुमैनी के अंतिम संस्कार जैसा हो सकता है।

इससे खासकर ऐसे समय में ईरान सरकार का मनोबल बढ़ाने में मदद मिल सकती है, जब वह युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। इस बीच, इस बात की आशंका भी बनी हुई है कि इजराइल दोबारा हमला कर सकता है।

ईरान के अर्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी कई महीनों बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए। अन्य शीर्ष सरकारी अधिकारियों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के भी अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना है।

अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे स्वयंसेवक मोहम्मद हुसैन रजाई ने कहा, ‘‘जब तक ईश्वर द्वारा चुने गए ये लोग मैदान में हैं, हम इस्लामी गणराज्य की ‘अपमान को ना’ कहने वाली नीति पर निश्चित रूप से चलते रहेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम स्वतंत्रता की अपनी नीति जारी रखेंगे। फैसले देश के भीतर लिए जाएंगे और लोग अपना भविष्य स्वयं तय करेंगे।’’

ईरानी ध्वज में लिपटा खामेनेई का ताबूत तेहरान स्थित ‘ग्रैंड मोसल्ला’ में रखा गया। उसके पास उनके उन परिजनों के ताबूत भी रखे गए जो 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के शुरुआती क्षणों में इजराइली हवाई हमले में मारे गए थे।

मारे गए लोगों में खामेनेई के एक दामाद, उनकी सबसे बड़ी बेटी, 14 महीने की नातिन और ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई की पत्नी शामिल हैं।

मुजतबा खामेनेई पूर्व सर्वोच्च नेता के पुत्र हैं और हमले में कथित रूप से घायल होने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।

धार्मिक नेताओं और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों ने खामेनेई के ताबूत के पास जाकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सैन्य बैंड ने धुन बजाई और एक व्यक्ति ने फातिहा पढ़ा।



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