वहीं अब बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर के पहले कारोबारी सप्ताह में बाजार की दिशा कई वैश्विक और घरेलू कारकों से तय होगी। अमेरिकी मिड-टर्म चुनाव, अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कॉर्पोरेट नतीजे निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से बाजार में तेजी का माहौल तो है, लेकिन उतार-चढ़ाव भी बना रह सकता है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी ने सप्ताह की शुरुआत कमजोर रुख के साथ की थी और पहले कारोबारी दिन 22,387.35 के साप्ताहिक निचले स्तर तक फिसल गया था। हालांकि इस स्तर पर मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिसके बाद बाजार ने वापसी की और अंत में निफ्टी 23,053.10 पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह में सूचकांक करीब 453 अंकों (2 प्रतिशत) की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा।
तकनीकी रूप से निफ्टी ने 200-वीक एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) और दीर्घकालिक अपट्रेंड लाइन के पास मजबूत समर्थन लिया है। इससे बाजार की निकट अवधि की तस्वीर पहले की तुलना में बेहतर हुई है।




