कुवैत के अनुसार उसकी संप्रभुता, सुरक्षा और उसके नागरिकों की रक्षा “रेड लाइन” है, जिसे किसी भी परिस्थिति में पार नहीं किया जा सकता। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इन घटनाओं की पुनरावृत्ति एक सुनियोजित आक्रामक नीति को दर्शाती है, जिसे कुवैत स्वीकार नहीं करेगा। बयान में आगे कहा गया कि कुवैत को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए उचित और आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार सुरक्षित है। सरकार ने संकेत दिया कि वह इन हमलों के जवाब में संभावित उपायों पर विचार कर रही है। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस स्थिति पर ध्यान देने और तनाव कम करने के लिए तत्काल कूटनीतिक प्रयास तेज करने की अपील की है।
कुवैती रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि बुधवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल-1 (टी1) को कई ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। बयान के अनुसार, यह हमला कथित ईरानी आक्रामक कार्रवाई का परिणाम था, जिससे टर्मिनल भवन को भारी नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हो गए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा टीमों को सक्रिय किया गया। घायलों को आवश्यक चिकित्सीय सहायता प्रदान की गई और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।




