Indian Unique Village | India Unique Mashobra Village


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Mashobra Village: हिमाचल प्रदेश की वादियों में बसा एक ऐसा रहस्यमयी और खूबसूरत गांव है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं. शिमला की भीड़भाड़ से दूर, देवदार के प्राचीन पेड़ों से घिरा ‘मशोबरा’ एक ऐसा अनोखा गांव है, जिसने आजादी के बाद से अब तक भारत के हर राष्ट्रपति का स्वागत किया है.1850 में बनी ऐतिहासिक राष्ट्रपति निवास की इमारत इसी गांव में स्थित है, जो महामहिम का आधिकारिक गर्मी के सीजन का विश्राम स्थल है. कभी ब्रिटिश वायसरायों की पसंद रहा यह गांव, आज अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सेब के बगीचों और शांत रास्तों के लिए पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.

भारत में कई ऐसे छिपे हुए पर्यटन स्थल हैं, जिनकी खूबसूरती और इतिहास हर किसी को हैरान कर देता है. पहाड़ों की रानी शिमला के बारे में तो पूरी दुनिया जानती है, लेकिन शिमला से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर एक ऐसा अछूता और प्राचीन स्वर्ग छिपा है. इसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. यह जगह सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि एक बेहद खास वीआईपी कनेक्शन के लिए भी मशहूर है. हम बात कर रहे हैं हिमाचल प्रदेश के शांत और धुंध से ढके पहाड़ी गांव मशोबरा की.

मशोबरा एक बेहद ही शांत और सुरम्य हिल स्टेशन है, जो प्राचीन देवदार के पेड़ों की घनी चादर से ढका हुआ है. यह गांव अपनी शांत पहाड़ी जिंदगी, घने जंगलों और फलों के बगीचों के लिए जाना जाता है. शिमला के इतने करीब होने के बावजूद, यह जगह आज भी व्यवसायीकरण से बची हुई है. यहां की शुद्ध हवा और कोलाहल से दूर का वातावरण इसे एक परफेक्ट हॉलिडे डेस्टिनेशन बनाता है. यही वजह है कि यह जगह देश के सर्वोच्च नागरिक की भी पसंदीदा है.

लंबे समय तक यह ऐतिहासिक और खूबसूरत राष्ट्रपति निवास आम जनता की पहुंच से दूर था. अप्रैल 2023 में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, इस राष्ट्रपति निवास के दरवाजे पहली बार आम लोगों और पर्यटकों के लिए खोले गए. इस फैसले ने पर्यटकों को इस जगह के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की एक अनूठी झलक पाने का शानदार मौका दिया. अब कोई भी आम नागरिक इस भव्य इमारत और इसके प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से महसूस कर सकता है.

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इस राष्ट्रपति निवास की सैर करने के लिए पर्यटकों को विशेष सुविधा दी गई है. जो लोग इस विरासत को देखना चाहते हैं, वे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से अपनी बुकिंग करा सकते हैं. यह परिसर सोमवार और सरकारी राजपत्रित छुट्टियों को छोड़कर सप्ताह के बाकी सभी दिन आम जनता के लिए खुला रहता है. देश के राष्ट्रपति ने स्वयं देशवासियों को भारत की इस समृद्ध विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक को देखने और अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया है.

इस छोटे से गांव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आजादी के बाद से लेकर अब तक भारत के हर राष्ट्रपति ने यहां का दौरा किया है. दरअसल, मशोबरा में राष्ट्रपति निवास स्थित है, जिसे महामहिम का आधिकारिक ग्रीष्मकालीन विश्राम स्थल माना जाता है. हर साल देश के राष्ट्रपति गर्मियों के दौरान कुछ समय बिताने के लिए इसी शांत और खूबसूरत गांव में आते हैं. इस अनोखे रिकॉर्ड ने मशोबरा को भारतीय इतिहास और राजनीति के पन्नों में एक विशेष स्थान दिला दिया है.

इस जगह का महत्व केवल आजादी के बाद से ही नहीं है, बल्कि ब्रिटिश काल में भी यह जगह सत्ता का एक प्रमुख केंद्र हुआ करती थी. ऐसा कहा जाता है कि आजादी से पहले ब्रिटिश वायसराय गर्मियों के दौरान मशोबरा में ही ठहरा करते थे. यहां की ठंडी जलवायु, प्रदूषण मुक्त वातावरण और पहाड़ों की असीम शांति ने अंग्रेजों को भी अपना दीवाना बना लिया था. उसी ऐतिहासिक विरासत को सहेजते हुए, यह स्थान आज हमारे देश के राष्ट्रपति का ग्रीष्मकालीन आवास बन चुका है.

मशोबरा स्थित ‘राष्ट्रपति निवास’ की इमारत अपने आप में एक ऐतिहासिक धरोहर है, जो 1850 से पूरी शान के साथ खड़ी है. यह भव्य एस्टेट 151.6 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है. 10,628 वर्ग फुट में बनी मुख्य इमारत इसकी शान को और बढ़ाती है. इस शानदार इमारत के चारों ओर हरे-भरे सेब के बगीचे, विशाल मखमली लॉन और प्रकृति के बीच से गुजरने वाले शांत रास्ते मौजूद हैं, जो इस पूरे परिसर को धरती के स्वर्ग जैसा बनाते हैं.

भारतीय इतिहास में साल 1965 में एक अहम बदलाव देखने को मिला था. देश के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पहल पर, मशोबरा के इस एस्टेट को आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति निवास यानी प्रेसिडेंशियल रिट्रीट का दर्जा दिया गया था. इससे पहले वायसराय लॉज का इस्तेमाल इस उद्देश्य के लिए होता था, जिसे बाद में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी (IIAS) में बदल दिया गया. तब से लेकर आज तक यह परंपरा कायम है और मशोबरा का महत्व लगातार बढ़ रहा है.

मशोबरा के राष्ट्रपति निवास में आने वाले पर्यटकों के लिए बहुत कुछ खास है. यहां विजिटर्स एक्सपर्ट गाइड की मदद से इस हेरिटेज बिल्डिंग का टूर कर सकते हैं और इसके गौरवशाली इतिहास के बारे में जान सकते हैं. इसके अलावा, बेहतरीन तरीके से सजाए गए लैंडस्केप गार्डन्स में टहलने का अनुभव पर्यटकों के मन को असीम शांति प्रदान करता है. यहां की हरियाली और फूलों की महक किसी को भी मंत्रमुग्ध करने के लिए काफी है, जो इस टूर को यादगार बनाती है.

ऐतिहासिक इमारत के अलावा, यहां 8,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित कल्याणी हेलीपैड से पहाड़ों का मनोरम दृश्य भी देखा जा सकता है. प्रकृति प्रेमियों के लिए यहां 1.8 किलोमीटर लंबा नेचर ट्रेल वॉक है, जहां जंगलों के रास्तों और स्थानीय जैव विविधता को करीब से देखा जा सकता है. साथ ही ‘ऑर्चर्ड ट्रेल’ का अनुभव भी मिलता है, जो एक शांत पहाड़ी व्यूप्वाइंट तक ले जाता है. कुल मिलाकर मशोबरा का यह सफर इतिहास और प्रकृति का एक बेजोड़ संगम है.ट्र



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