वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड को एक नए और ऐतिहासिक स्तर पर ले जाने के लिए राजधानी में बैठकों का महा-दौर शुरू हो चुका है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के नेतृत्व वाले एक बेहद ताकतवर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की है. इस हाई-प्रोफाइल बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर बेहद गंभीर चर्चा हुई. माना जा रहा है कि अगले महीने आने वाली एक बड़ी डेडलाइन से पहले दोनों देश एक ऐसी महा-डील को अंतिम रूप देने जा रहे हैं, जिससे दोनों देशों की किस्मत बदल जाएगी. इस बीच भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर एक बहुत बड़ी ‘गुड न्यूज’ देते हुए बड़ा ऐलान कर दिया है.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का बड़ा ऐलान: ‘जल्द फाइनल होगा मजबूत व्यापार समझौता’
क्या आप जानते हैं कि इस हाई-प्रोफाइल बैठक के ठीक बीच भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का जो बयान सामने आया है, उसने दोनों देशों के बाजारों में हलचल तेज कर दी है? जेमिसन ग्रीर का भारत में स्वागत करते हुए अमेरिकी राजदूत ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी ‘गुड न्यूज’ शेयर की.
सर्जियो गोर ने ऐलान करते हुए लिखा, “अपने महत्वाकांक्षी व्यापार एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए आपका भारत में स्वागत है. हम एक मजबूत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को अंतिम रूप देने की दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.” गोर ने भरोसा जताया कि इस ऐतिहासिक समझौते के पूरा होते ही दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसरों के द्वार खुलेंगे और अमेरिका-भारत की आर्थिक साझेदारी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और अटूट हो जाएगी.
वित्त मंत्रालय का बड़ा खुलासा: ‘विकास के नए अवसरों पर है पूरा फोकस’
खुद भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर इस बैठक की इनसाइड स्टोरी साझा की है. मंत्रालय के मुताबिक, केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर और उनके साथ आए डेलिगेशन के साथ आमने-सामने बैठकर लंबी बात की.
इस मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने विकास के नए अवसरों की तलाश करने और गहरे व्यापारिक संबंधों को और ज्यादा मजबूत करने पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया. भारत का पूरा ध्यान इस बात पर है कि कैसे अमेरिकी निवेश को बड़े पैमाने पर भारत में लाया जाए और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को एक नया आयाम दिया जाए.
पीयूष गोयल के साथ बैठकों का महा-दौर: अगले महीने है बड़ी समयसीमा!
एक बड़ा रणनीतिक दांव: यह पूरी कवायद हवा में नहीं हो रही है. इसके पीछे अगले महीने आने वाली एक बहुत बड़ी टैरिफ डेडलाइन है, जिससे पहले दोनों देशों को हर हाल में समझौता करना है.
पीयूष गोयल के साथ कई दौर की बैठकें: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने सिर्फ वित्त मंत्री ही नहीं, बल्कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ भी कई दौर की बेहद महत्वपूर्ण और गुप्त बैठकें की हैं.
वाणिज्य विभाग में ग्रैंड वेलकम: सोमवार को जैसे ही ग्रीर भारत पहुंचे, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और पूरे प्रतिनिधिमंडल का भारत के वाणिज्य विभाग में गर्मजोशी से स्वागत किया.
अगले महीने की महत्वपूर्ण टैरिफ समयसीमा: यह पूरी बातचीत एक ऐसे नाजुक और अहम मोड़ पर हो रही है जब दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के ‘पहले चरण के ढांचे’ को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए अगले महीने की एक बड़ी टैरिफ समयसीमा तय है, और दोनों पक्ष चाहते हैं कि इस डेडलाइन से पहले काम पूरा हो जाए ताकि व्यापार में टैक्स से जुड़ी बड़ी राहत मिल सके.
इस तरह देखा जाए तो अमेरिका में सत्ता परिवर्तन और नए व्यापारिक एजेंडे के बीच भारत ने बेहद समझदारी से अपनी चालें चली हैं. अब देखना यह होगा कि अगले महीने की डेडलाइन से पहले होने वाली इस महा-डील से भारतीय बाजारों और व्यापारियों को कितना बड़ा मुनाफा होता है, लेकिन फिलहाल के लिए निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल की इस जुगलबंदी के बीच सर्जियो गोर के बड़े ऐलान ने वाशिंगटन को यह साफ कर दिया है कि भारत आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.




