Agency:एजेंसियां
Last Updated:
FBI डायरेक्टर काश पटेल पर शराब पीने की आदत और पुराने गिरफ्तारी मामलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. The इंटरसेप्ट और The अटलांटिक की रिपोर्ट्स में उनके व्यवहार पर सवाल उठाए गए हैं. हालांकि, पटेल और अमेरिकी प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है और उन्होंने पत्रिका के खिलाफ मानहानि का केस भी दर्ज किया है.
वॉशिंगटन: अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी FBI के डायरेक्टर काश पटेल एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. इस बार मामला उनके कथित शराब पीने की आदतों और पुराने मामलों से जुड़ा है, जिसने उनके नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं. The इंटरसेप्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, काश पटेल ने खुद स्वीकार किया था कि युवावस्था में उन्हें दो बार कानून से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. एक बार वर्जीनिया में कॉलेज के दौरान सार्वजनिक रूप से नशे में होने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जबकि दूसरी बार न्यूयॉर्क में कानून की पढ़ाई के दौरान सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था.
जानकारी कैसे सामने आई?
यह जानकारी 2005 में लिखे गए एक पत्र से सामने आई है, जो उन्होंने फ्लोरिडा बार में आवेदन के दौरान दिया था. इस पत्र में पटेल ने कहा था, ‘ये दोनों घटनाएं मेरे सामान्य व्यवहार को नहीं दर्शातीं और मुझे उम्मीद है कि इन्हें अपवाद के तौर पर देखा जाएगा.’ इसके बाद पटेल को फ्लोरिडा बार में शामिल किया गया और उन्होंने मियामी-डेड पब्लिक डिफेंडर ऑफिस में 40,000 डॉलर की सैलरी पर नौकरी भी हासिल की.
द मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब पटेल पर आरोप लग रहे हैं कि उनकी शराब पीने की आदत उनके कामकाज को प्रभावित कर रही है. वहीं, The अटलांटिक की एक रिपोर्ट ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है. इस रिपोर्ट में दो दर्जन से ज्यादा गुमनाम सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि पटेल का ‘असामान्य व्यवहार’ और ‘शराब के प्रभाव में दिखना’ FBI और न्याय विभाग के अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है.
काश पटेल के शराब पीनी से हुई दिक्कतें
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई बार सुबह की मीटिंग्स को ‘रात की शराब’ के कारण टालना पड़ा और पटेल कई बार उपलब्ध नहीं रहते थे, जिससे जांच से जुड़े फैसलों में देरी होती थी. रिपोर्ट में यही सवाल उठाया गया है कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है. हालांकि, इन आरोपों को काश पटेल, व्हाइट हाउस और न्याय विभाग ने सिरे से खारिज कर दिया है. The अटलांटिक की रिपोर्ट के बाद पटेल ने पत्रिका और उसकी रिपोर्टर सारा फिट्जपैट्रिक के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है. पटेल ने अपने बचाव में कहा, ‘सब कुछ छाप दो, सब गलत है- मैं कोर्ट में मिलूंगा.’
About the Author

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें





