विशेषज्ञों ने पारंपरिक मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी
केवल उत्साह या परंपरा के आधार पर जल्दबाजी में निवेश निर्णय लेने से बचना चाहिए
मजबूत बनियादी आधार वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश पर विचार करना चाहिए
दिवाली के अवसर पर रविवार को होने वाले पारंपरिक मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के लिए बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों और ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि संवत 2083 की शुरुआत भले ही निवेश के लिए शुभ मानी जाती हो, लेकिन केवल उत्साह या परंपरा के आधार पर जल्दबाजी में निवेश निर्णय लेने से बचना चाहिए।
बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है
विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हालिया तेज रैली के बाद महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तरों के करीब पहुंच चुके हैं। ऐसे में मुहूर्त ट्रेडिंग के सीमित समय और अपेक्षाकृत कम तरलता (लिक्विडिटी) के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। इसलिए निवेशकों को स्टॉक-विशिष्ट और सोच-समझकर निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।




