El Salvador MS-13 Trial: 47000 जुर्मों की 245 साल की सजा! शुरू हुआ मौत के सौदागरों का हिसाब, कटघरे में MS-13 गैंग के 486 गैंगेस्‍टर


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El Salvador MS-13 Trial: अल साल्वाडोर में MS-13 गैंग के 486 आरोपियों पर एक साथ ऐतिहासिक मुकदमा शुरू हुआ है, जिन पर 47,000 से ज्यादा अपराधों के आरोप हैं. सरकार इसे अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रही है, जबकि मानवाधिकार संगठन निष्पक्ष सुनवाई को लेकर चिंता जता रहे हैं.

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अल साल्‍वाडोर की एक अदालत में 486 क्रिमिनल्‍स में एक साथ ट्रायल शुरू हुआ है. (एआई इमेज)

El Salvador MS-13 Trial: अल साल्‍वाडोर की एक अदालत का नजारा देखने वाला था. इस अदालत के कटघरे में एक साथ 486 गैंगेस्‍टर खड़े थे. ये सभी गैंगेस्‍टर कुख्‍यात एमएस-13 गैंग के गुर्गे बताए जा रहे हैं. इन सभी के नाम पर 47,000 से अधिक जुर्म दर्ज हैं और इन्‍हीं जुर्मों का हिसाब अल साल्‍वाडोर के कोर्ट रूम में अब शुरू हुआ है. आपको यह भी बता दें कि अल साल्वाडोर के इतिहास में शायद यह पहला मौका होगा, जब इतनी बड़ी संख्‍या में अपराधियों का सामूहिक ट्रायल किया जा रहा हो.

अभियोजन पक्ष का दावा है कि इन 486 आरोपियों ने मिलकर 2012 से 2022 के बीच 47,000 से ज्यादा अपराध किए हैं, जिसमें हत्या, महिलाओं के साथ हैवानियत, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं. सरकारी वकील ने कोर्ट में कहा है कि आरोपियों से जुड़ी अपराधों की फेहरिस्‍त सिर्फ आंकड़ा नहीं है, बल्कि उन हजारों पीड़ितों की कहानी है, जिन्हें सालों तक इस गिरोह ने डर के साए में जीने पर मजबूर किया है. अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से आरोपियों को 245 साल की कठोर सजा देने की मांग की है.

अब समझिए क्‍या है पूरा मामला

  1. दरअसल, यह पूरा मामला 2022 में लागू किए गए आपातकालीन कानूनों की वजह से संभव हो पाया है. इन कानूनों ने पुलिस और प्रशासन को ज्यादा ताकत दी गई है, जिसके बाद देशभर में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां शुरू हुईं हैं.
  2. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 91,500 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. सरकार का कहना है कि अगर ये सख्ती नहीं बरती जाती, तो अपराध पर काबू पाना मुश्किल था.
  3. राष्ट्रपति बुकेले की सरकार ने अपराध को जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने की बात कही है. उन्‍होंने इस कार्रवाई को इसी नीति का हिस्सा बताया है. उनका दावा है कि इसी सख्ती के कारण देश में हत्या की दर में भारी गिरावट आई है.
  4. एक समय था जब अल साल्वाडोर दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में गिना जाता था. लेकिन अब सरकार का कहना है कि हालात तेजी से बदल रहे हैं और लोग खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
  5. वहीं, इस मामले में बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी है कि इतने बड़े पैमाने पर एक साथ सुनवाई करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है. उनका तर्क है कि हर आरोपी का मामला अलग होता है और उसे अलग से सुना जाना चाहिए.

245 साल तक की सजा!
इस मुकदमे की एक और चौंकाने वाली बात इसकी संभावित सजा है. अभियोजन पक्ष हर अपराध के लिए अधिकतम सजा की मांग कर रहा है. कुछ मामलों में आरोपियों को 200 से 245 साल तक की जेल हो सकती है. हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि इतनी लंबी सजा व्यवहार में कम ही लागू हो पाती है, लेकिन इसके जरिए सरकार और प्रशासन ने यह बताने की कोशिश की है कि किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शना नहीं जाएगा.

मानवाधिकार संगठनों ने भी उठाई अपनी आवाज
जहां एक तरफ सरकार इसे अपनी बड़ी सफलता बता रही है, वहीं दूसरी तरफ मानवाधिकार संगठनों ने इस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि इतने बड़े सामूहिक मुकदमे में हर आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई मिलना मुश्किल है. उनका दावा है कि कई आरोपियों को ठीक से वकील तक नहीं मिल पा रहे हैं. इंटर-अमेरिकन कमीशन ऑन ह्यूमन राइट्स जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी चिंता जताई है कि कहीं इस प्रक्रिया में निर्दोष लोग भी सजा के दायरे में न आ जाएं.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें



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