वॉशिंगटन: ईरान जंग के बीच जहां दुनिया के कई देश आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं, लोग महंगाई की मार से परेशान हैं, वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका परिवार जमकर कर कमाई कर रहा है. ट्रंप के एक फैसले की वजह से अमेरिका में भी महंगाई चरम पर पहुंच गई है लेकिन उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, ट्रंप ने तो यहां तक कह दिया है कि ‘मुझे महंगाई पसंद है’. रॉयटर्स की एक ताजा रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि ट्रंप के परिवार ने दोबारा राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से अब तक करीब 2.3 अरब डॉलर यानी लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की तगड़ी कमाई कर ली है. इस रिपोर्ट के सामने आते ही सवाल उठ रहा है कि युद्ध के इस माहौल में ट्रंप परिवार इतनी भारी रकम कैसे बना रहा है?
युद्ध के बीच ट्रंप की जेब में कैसे पहुंचे अरबों डॉलर?
इस समय खाड़ी देशों में अमेरिका और ईरान के बीच भयंकर गोलाबारी और हवाई हमले चल रहे हैं. इस युद्ध के बीच अचानक एक ऐसी आर्थिक रिपोर्ट आई है जिसने पूरी दुनिया के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. रॉयटर्स की एक बहुत बड़ी जांच में ये बात सामने आई है कि ट्रंप परिवार ने हाल ही में कम से कम 2.3 अरब डॉलर का तगड़ा मुनाफा कमाया है.
आम तौर पर लोगों को लगता है कि युद्ध के समय कोई भी बड़ा नेता या उसका परिवार हथियारों या तेल की दलाली से पैसे कमाता है, लेकिन ट्रंप परिवार ने यह भारी-भरकम कमाई किसी हथियार से नहीं बल्कि डिजिटल दुनिया के ‘क्रिप्टोकरेंसी’ बाजार से की है. ये बंपर कमाई ठीक उसी समय हुई है जब अमेरिका ईरान के साथ एक बड़े सैन्य संकट से जूझ रहा है.
क्रिप्टो के खेल से ट्रंप फैमिली हुई और अमीर
असल में जब से डोनाल्ड ट्रंप दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं, उनके परिवार ने क्रिप्टोकरेंसी के बिजनेस में बहुत तेजी से अपने पैर पसारे हैं. इस कमाई के कई जरिए हैं.
वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल ($WLFI): ये ट्रंप परिवार का खुद का एक क्रिप्टो वेंचर है. इस कंपनी में ट्रंप परिवार की हिस्सेदारी करीब 60% है और टोकन की बिक्री का लगभग 75% हिस्सा सीधे उनकी जेब में जा रहा है.
मीम कॉइन्स का क्रेज: बाजार में ट्रंप के नाम पर कई तरह के मीम कॉइन्स (जैसे $TRUMP) भी चल रहे हैं, जिनकी ट्रेडिंग से उनके परिवार को बड़ा फायदा हुआ है.
जैसे ही ट्रंप दोबारा सत्ता में आए, इन टोकन्स की मांग और कीमत में अचानक भारी उछाल देखा गया, जिसका सीधा फायदा ट्रंप के बेटों और उनके बिजनेस वेंचर्स को मिला.
ट्रंप को मुनाफा, जनता को झटका
रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि जहां एक तरफ ट्रंप परिवार ने इस क्रिप्टो बाजार से अरबों रुपये कूट लिए, वहीं दूसरी तरफ लगभग 10 लाख आम निवेशकों को इस चक्कर में भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
‘कई छोटे और मध्यम वर्ग के रिटेल निवेशकों ने अपना पैसा सिर्फ इसलिए इस क्रिप्टो प्रोजेक्ट में लगा दिया था क्योंकि उन्हें भरोसा था कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से उन्हें बड़ा फायदा होगा. लेकिन शुरुआती उछाल के बाद इन कॉइन्स की कीमत धड़ाम से नीचे गिर गई जिससे आम जनता की गाढ़ी कमाई पूरी तरह डूब गई’.
रिपोर्ट के मुताबिक, जो टोकन शुरुआत में 0.31 डॉलर का था, वो गिरकर सिर्फ 0.05 डॉलर पर आ गया. इससे निवेशकों को कुल मिलाकर करीब 2.3 अरब डॉलर का ही नुकसान हुआ है, यानी जितना ट्रंप परिवार ने कमाया, उतना ही आम जनता ने गंवा दिया.
ईरान युद्ध और ड्रोन का कनेक्शन: क्या सच में जंग से हो रही कमाई?
अब बात करते हैं उस ईरान युद्ध की, जिसके दौरान यह सब हो रहा है. भले ही ये 2.3 अरब डॉलर की रकम मुख्य रूप से क्रिप्टो से आई हो, लेकिन ट्रंप परिवार पर सीधे तौर पर ईरान युद्ध से भी मुनाफा कमाने के बेहद गंभीर आरोप लग रहे हैं.
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप के बेटे, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप, इस समय एक मिलिट्री ड्रोन कंपनी (Powerus) में भारी निवेश कर रहे हैं. ये कंपनी अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन से करोड़ों डॉलर के नए सरकारी ठेके लेने की होड़ में शामिल है.
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में चीनी ड्रोन्स पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है, जिसके बाद अमेरिकी सेना के लिए नए ड्रोन्स की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है. राजनीति के जानकार इस बात से बेहद नाराज हैं कि एक तरफ देश युद्ध लड़ रहा है, और दूसरी तरफ राष्ट्रपति का परिवार मिलिट्री कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए अपनी संपत्ति को कई गुना बढ़ाने में लगा हुआ है.




