बहुजन चिंतक राकेश आंनद कहते हैं ‘आकाश को आगे करने का सीधा मतलब यही है कि बहनजी पार्टी कोर वोटर जमात से युवी पीढ़ी को छिटकने नहीं देना चाहती, जिसकी आशंका आकाश आनंद को लेकर उठाए गये उनके पिछले कदम के बाद लगने लगा था।’
पार्टी सूत्रों और शुभचिंतकों की मानें तो ‘कान भरने में सिद्धहस्त और अपनी ज़मीन दरकने के ख़तरे से डरी एक लॉबी’ को छोड़ दें तो संगठन का बड़ा तबका आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के पक्ष में कभी नहीं नहीं रहा। कई वरिष्ठ नेता तो समय-समय पर आकाश को मौका दिए जाने की पैरवी भी करते रहे।
पार्टी ने अब जिस तरह आकाश आनंद की सभाओं के कार्यक्रम घोषित किए हैं, संकेत साफ है कि आनंद आने वाले चुनावों में अहम भूमिका निभाने वाले हैं। पार्टी ने युवा पीढ़ी को अपने साथ बांधे रखने के लिए ही आकाश के चेहरे को आगे करने की निर्णय किया है।
चंद्रशेखर आजाद का खतरा
लोगों का मानना है कि आजाद समाज पार्टी के युवा चेहरे चंद्रशेखर आजाद जिस तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं और अपनी जमात खासकर युवाओं में लोकप्रिय हो रहे हैं, उससे बीएसपी संगठन में खासी बेचैनी है। पार्टी में ज़िम्मेदार ओहदे वालों का भी मानना है कि ‘बहनजी की बहुजन समाज की पुरानी पीढ़ी में अब भी पुरानी पैठ कायम है, लेकिन युवा अपने मुद्दों को लेकर अलग-अलग खेमे में बंट सकते हैं, और यही पार्टी की बेचैनी का कारण है। इससे निजात के लिए आकाश सबसे मज़बूत कड़ी साबित हो सकते हैं।
एक नेता बताते हैं कि विधानसभा चुनाव तैयारियों की पिछली कई बैठकों में बीएसपी संगठन में इस पर गम्भीर चर्चाएं हुईं हैं और ताजा फेरबदल उसी का नतीजा है।




