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‘जनसंख्या को लेकर इतनी ही चिंता थी तो…’, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का बड़ा बयान

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लोकसभा चुनाव 2024, लोकसभा चुनाव, पीएम चुनाव 2024- इंडिया टीवी हिंदी

छवि स्रोत: पीटीआई फ़ाइल
नेता कांग्रेस रशीद अल्वी।

नई दिल्ली: देश में आदिवासियों की आबादी में गिरावट को लेकर कांग्रेस नेता रशीद अल्वी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि सारा डेटा इंटरनेट पर मौजूद सर्वे के बारे में कोई नया सर्वेक्षण नहीं है। उन्होंने कहा कि जब इलेक्शन हो रहा है तो हिंदू-मुस्लिम करने के लिए ये डेटा सार्वजनिक किया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सच्चाई ये है कि 1992 में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हर एक महिला एवरेज 4.4 बच्चे पैदा करती थी, जो 2015 में 2.6 अंक हो गया।

‘सर्वे करो हमारे, गरीब लोगों के होते हैं सबसे ज्यादा बच्चे’

रशीद अल्वी ने कहा कि हिंदू महिलाएं 1992 में एवरेज 3.3 बच्चे पैदा करती थीं, जो 2015 में 2.1 हो गईं, यानी 0.5 प्रतिशत का अंतर है। उन्होंने कहा, ‘यह मसला हिंदू मुस्लिम का ही नहीं है।’ पूरे देश में एक सर्वेक्षण दल में गरीब लोगों के बच्चे सबसे ज्यादा हैं। जो पढ़-लिख जाते हैं, उनके बच्चों की संख्या कम हो जाती है इसलिए यह हिंदू-मुस्लिम की समस्या नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी को अगर जनसंख्या वृद्धि की इतनी ही चिंता होती तो वे 10 साल से सत्ता में हैं, उन्होंने कहा कि कोई कानून क्यों नहीं बनाया, क्योंकि, हर चुनाव ‘उन्हें इसे तैयार करना है।’

पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद ने जारी की थी रिपोर्ट

बता दें कि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की ओर से जारी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि 1950 से 2015 के बीच भारत में जनसंख्या 7.82 प्रतिशत कम हुई है। वहीं, पुर्तगाल की आबादी में 43.15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट में इस बात का भी दावा किया गया है कि भारत के पड़ोसी हिंदू बहुल देश नेपाल में भी जनसंख्या की जनसंख्या में कमी देखने को मिली है। रिपोर्ट के सामने आने के बाद इस मुद्दे पर मूल्य सूची भी तेजी से सामने आई है और बयानबाजी का दौर जारी है। (आईएएनएस)

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